नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस अहम बैठक में यूपी कैबिनेट विस्तार, संगठनात्मक बदलाव और 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। बैठक के बाद सीएम योगी के आज ही बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से 3:30 बजे मिलने की भी संभावना है।
राज्य के विकास और चुनावी रणनीति पर मंथन
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी और सीएम योगी के बीच उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों, आगामी योजनाओं और राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब प्रदेश में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
मकर संक्रांति के बाद हो सकता है कैबिनेट विस्तार
हाल ही में पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके बाद पार्टी के एजेंडे में राज्य मंत्रिपरिषद का विस्तार और संगठन में बदलाव प्राथमिकता में आ गया है। माना जा रहा है कि 14-15 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) के बाद यूपी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। इसके साथ ही आयोगों, बोर्डों और परिषदों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
बीजेपी में हालिया बदलावों से बढ़ी हलचल
बीते कुछ समय में बीजेपी संगठन में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। केंद्र में नितिन नवीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही यूपी में पंकज चौधरी की नियुक्ति ने सियासी हलचल तेज कर दी है। पंकज चौधरी यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र नेता थे।
इसी बीच, यूपी की राजनीति में उस समय चर्चा तेज हो गई जब ब्राह्मण समाज से जुड़े बीजेपी विधायकों ने लखनऊ में एक साथ ‘सहभोज’ किया। पीएन पाठक के आवास पर हुई इस बैठक में करीब 40 विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए। इससे पहले ठाकुर, लोध और कुर्मी समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों की बैठकों को लेकर भी सियासी चर्चाएं हुई थीं।
कोर कमेटी में संभावित नामों पर चर्चा
30 दिसंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले संभावित नामों पर चर्चा की गई थी। इस बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद थे, जिन्होंने बाद में दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श किया।
2027 से पहले आखिरी विस्तार संभव
फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री सहित कुल 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम सीमा 60 की है। ऐसे में 6 नए मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आखिरी कैबिनेट विस्तार हो सकता है, इसलिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा।
