हड़ताल से कोयला उद्योग प्रभावित, वेतन काटने का संकेत

हड़ताल से कोयला उद्योग प्रभावित, वेतन काटने का संकेत - Panchayat Times

रांची/धनबाद. कोयलांचल में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, एक्टू आइयूटीयूसी, यूटीयूसी, टीयूसीसी समेत अन्य संगठनों की एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का कोयला उद्योग पर भी असर दिखा. वहीं बीसीसीएल ने हड़ताली मजदूरों का वेतन काटने के संकेत दिये हैं.

बुधवार को कोयला उद्योग में हड़ताल को लेकर सुबह से ही मजदूर संगठनों के नेता सक्रिय रहे. कोलियरियों के कांटा और डिस्पैच सेंटर पर सन्नाटा पसरा रहा. रेल साइडिंगों में लोडिंग ठप है. ईसीएल के मुगमा क्षेत्र और बीसीसीएल के सीवी एरिया में ट्रेड यूनियंस और विभिन्न संगठनों की हड़ताल का असर मिलाजुला दिखा. सीवी एरिया के दहीबाड़ी एवं दामगोड़िया में सामान्य दिनों की तरह मजदूरों ने उपस्थिति दर्ज कराई है.

वहीं ईसीएल मुगमा क्षेत्र में बंदी का व्यापक असर रहा. सेंट्रल पूल रेलवे साइडिंग सुनसान पड़ा रहा. साइडिंग के प्रवेश द्वार पर ट्रेड यूनियन का झंडा लगाकर उसे बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है. हड़ताल का असर बैंकों में भी दिखा. धनबाद जिला मुख्यालय स्थित सभी बैंकों के गेट आज नहीं खुले. कर्मचारी बैंक के सामने जमा होकर प्रदर्शन करते रहे.

बीसीसीएल और ईसीएल की कोयला खदानों में उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित

इसी बीच बीसीसीएल के कार्मिक निदेशक आर महापात्रा ने पत्रकारों को बताया कि हड़ताल से बीसीसीएल और ईसीएल की कोयला खदानों में उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित है. उन्होंने कहा कि हड़ताली मजदूरों का एक दिन या एक सप्ताह का वेतन कटौती किया जा सकता है.