बिना अध्यापक चल रहा नारग का महाविद्यालय

बिना अध्यापक चल रहा नारग का महाविद्यालय-Panchayat Times
बिना अध्यापक चल रहा नारग का महाविद्यालय

सोलन. आपने कोई ऐसा कॉलेज देखा है जहां न पढ़ाने के लिए प्रोफेसर हो न कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी हो और न ही उसकी देखरेख के लिए कोई, चपरासी हो अगर आप उत्तर न हो तो हम आपको इस अनोखे शिक्षण संस्थान के दर्शन करवाते है.

यह कॉलेज प्रदेश सरकार की ओर से चलाया जा रहा है और यह कॉलेज सिरमौर के नारग में स्थित है. जिसकी घोषण पूर्व की कांग्रेस सरकार ने की थी जिसे भाजपा सरकार ने इसी वर्ष से शुरू किया है. आपको बता दें कि प्लस टू के बाद नारग के युवा सोलन के सरकारी कॉलेज में शिक्षा लेने आते थे. इस बार भी वह सोलन एडमिशन लेने आए थे. लेकिन, उन्हें जबरन नारग के कॉलेज में एडमिशन लेने का दवाब बनाया गया.

जिसके चलते इस कॉलेज में 35 विद्यार्थियों ने एडमिशन ली. एडमिशन लिए अब डेढ़ महीने से ज्यादा का समय हो गया है. लेकिन, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि आखिर उन्हें कौन पढ़ाएगा और उनका भविष्य कैसा होगा. अब ग्रामीण अपने बच्चों का भविष्य अन्धकार में जाते देख चिंतित नजर आ रहे हैं. इसलिए वह एक सप्ताह से स्टाफ की मांग कर रहे हैं और धरने प्रदर्शन पर बैठे है. लेकिन, स्थानीय विधायक सुरेश कश्यप और भाजपा सरकार इस पर कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रही है.

नारग के समाज सेवी आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष कुमार ने बताया कि कॉलेज में बिलकुल भी स्टाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि पच्छाद के विधायक नारग आ रहे हैं. लेकिन, वह धरने पर बैठे लोगों के पास उनकी सुध लेने नहीं आ रहे है. जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि शायद उन्हें जनता के बीच आने में उन्हें अब शर्म महसूस हो रही है. क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल में युवाओं के लिए कोई कार्य नहीं किया है. यहां तक की कॉलेज आरम्भ करवा दिया गया. लेकिन, स्टाफ के नाम पर चपरासी तक की नियुक्ति नहीं की गई है. इसलिए वह धरना प्रदर्शन कर रहे है और अगर उनकी सुध नहीं ली गई. तो, वह भविष्य में उग्र आंदलोन करने को मजबूर हो जाएंगे जिसकी जिम्मेवार प्रदेश सरकार होगी.