नई दिल्ली. India-Pakistan Tension 2025 के बीच सीमित सैन्य कार्रवाई और फिर सफल सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की War Policy अब विपक्षी नेताओं की भी सराहना बटोर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी की सैन्य रणनीति को न सिर्फ “संतुलित और बुद्धिमत्तापूर्ण” बताया, बल्कि इसे “आतंक के खिलाफ भारत की स्पष्ट नीति” का प्रमाण भी माना है।
चिदंबरम ने क्या लिखा?
पी. चिदंबरम ने अपने लेख में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए लिखा कि उस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर थी। जनता “बदले की कार्रवाई” की मांग कर रही थी, लेकिन मोदी सरकार ने पूरे युद्ध से बचते हुए सीमित सैन्य एक्शन का रास्ता चुना।उन्होंने इसे एक राजनीतिक रूप से परिपक्व निर्णय बताया।
7 मई की एयरस्ट्राइक को बताया “Valid and targeted”
यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप थी, और इसमें ना तो आम नागरिकों को निशाना बनाया गया और ना ही रिहायशी इलाकों को।उन्होंने स्वीकार किया कि इससे यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और The Resistance Front जैसे आतंकी संगठनों का अंत हो गया है, लेकिन यह एक स्पष्ट संदेश ज़रूर है कि भारत अब Zero Tolerance on Terrorism की नीति पर काम कर रहा है।
विपक्ष से समर्थन मिलना क्यों अहम है?
चिदंबरम जैसे वरिष्ठ नेता द्वारा सरकार की रणनीति की खुलकर सराहना करना इस बात का संकेत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर अब राजनीति नहीं, बल्कि एकजुटता की ज़रूरत है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमाओं पर भले ही तनाव कम हो गया हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
