प्रदेश को कर्ज में डुबोने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार : जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री ने सरकाघाट क्षेत्र के लिए 94 करोड़ की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित कीं- Panchayat Times

शिमला. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश को कर्ज में डुबोने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं है. उनकी सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही ऋण लिए हैं और आगे भी इसी सीमा के भीतर ऋण लिए जाएंगे. उन्होंने ऋण लेने को प्रदेश की मजबूरी भी करार दिया.

मुख्यमंत्री प्रदेश के वर्ष 2020-21 के बजट पर चार दिनों तक हुई चर्चा का शनिवार को सदन में जवाब दे रहे थे. मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने जवाब के बीच की सदन से वाकआउट कर दिया.

विपक्ष द्वारा बीते 2 सालों के दौरान 6793 करोड़ के ऋण लेने की बात गुमराह करने वाली

उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा बीते दो सालों के दौरान 6793 करोड़ रूपए के ऋण लेने की बात गुमराह करने वाली है.  इनमें से 3 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि वेज एंड मींस की है, जिसे ऋणों में शामिल नहीं किया जा सकता. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने 2018-19 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ऋण सीमा से 1617 करोड़ रूपए के कम ऋण उठाए. 

उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने वर्ष 2007 से 2012 के दौरान जहां 7465 करोड़ रूपए के ऋण उठाए, वहीं कांग्रेस ने 2012 से 2017 के दौरान 19195 करोड़ रूपए के ऋण लिए. 

उन्होंने विपक्ष के इन आरोपों को भी गलत करार दिया कि इस साल अनुपूरक बजट दो गुणा से भी अधिक था. मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014-15 में कांग्रेस सरकार ने 7753 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें पारित की थी.

15वें वित्तायोग ने पहले ही साल में 19309 करोड़ रूपए का वित्तीय अनुदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में 13वें वित्त आयोग से 4338 करोड़ रूपए का औसत अनुदान मिला, जबकि 14वें वित्तायोग के दौरान प्रदेश के 14407 करोड़ रूपए का औसत अनुदान मिला. उन्होंने कहा कि 15वें वित्तायोग ने पहले ही साल में 19309 करोड़ रूपए का वित्तीय अनुदान जारी किया है और अगले पांच सालों में यह प्रदेश को मिलने वाला सर्वाधिक अनुदान है.

सरकार आय के संसाधन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार आय के संसाधन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है और अगले वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश को आबकारी राजस्व के रूप में 1840 करोड़ रूपए मिलेंगे. उन्होंने बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनओं को लेकर विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि सरकार द्वारा भेजे गए अधिकांश प्रोजेक्ट अंतिम चरण में हैं और अगले 5-6 माह में इन पर काम शुरू हो जाएगा.