‘किसानों के उत्पादों को बाजार से जोड़ें’

'किसानों के उत्पादों को बाजार से जोड़ें'-Panchayat Times

रांची. मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने जोहार परियोजना से जुड़े किसानों को ऐसे उत्पादों से जोड़ने पर बल दिया,  जिसकी मार्केटिंग बेहतर तरीके से हो सके. उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े राज्य के 17 जिलों के 68 प्रखंडों के एक लाख 20 हजार परिवारों की आय दोगुनी करने की उपलब्धि प्राप्त करने के लिए उन्हें ऐसे उत्पादन प्रक्रिया से जोड़ें,  जिसका बाजार उपलब्ध हो.

वहीं उत्पादन के पहले संभावित उत्पाद को बाजार से लिंक करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि कई कृषि उपज का भंडारण लंबे समय तक सुरक्षित नहीं होता. तिवारी मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में जोहार परियोजना की उच्चस्तरीय संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे.

बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, ग्रामीण विकास के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

सौर्य ऊर्जा चालित माइक्रो सिंचाई से आ रही खुशहाली

बैठक में बताया गया कि साइकिल से लाने-ले जाने की सुविधा से युक्त सोलर पैनल के माध्यम से माइक्रों सिचांई योजना काफी लाभप्रद साबित हो रही है. सामुदायिक सिंचाई की इस पहल से पानी किसान समूह में खेती कर रहे हैं. उपकरणों के रख-रखाव का जिम्मा भी खुद उठा रहे हैं. मुख्य सचिव ने कहा कि वे खुद मौके पर जाकर इसका मुआयना करेंगे.

योजना में महिलाएं हैं धुरी

मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना की धुरी महिलाएं हैं. इनका कौशल विकास कर वीडियो शूटिंग में दक्ष करते हुए मिट्टी जांच, वर्मी कंपोस्ट बनाने, मिट्टी के सैंपल कलेक्शन, बकरियों के वैक्सिनेशन आदि कार्यों में लगाने के साथ उनकी आय में इजाफा करने पर फोकस करने का निर्देश दिया.