38 हजार रुपए के बिजली बिल के भुगतान पर उपभोक्ता फोरम ने लगाई रोक

मंडी. जिले के जोगिंद्रनगर में विद्युत उपमंडल-1 की ओर से शहर के एक उपभोक्ता को फरवरी महीने का बिजली का अधिक बिल थमाए जाने पर दायर अपील पर मंडी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने रोक लग दी है. इस बाबत उपभोक्ता किशोरी लाल ने बताया कि फोरम में अधिवक्ता अभिषेक लखनपाल की ओर रखे गए पक्ष पर विभाग से जवाब भी मांगा गया है.

कहा गया है कि बस स्टैंड के पास उपभोक्ता किशोरी लाल को विभाग ने फरवरी महीने का बिल 38 हजार रुपए का थमा दिया था. जिस पर उपभोक्ता ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दायर की और आग्रह किया कि उनका औसतन बिल करीब एक हजार रुपए का ही आता है. फरवरी महीने में भी उन्होंने उसी रूटीन में बिजली की खपत की जितनी वह अक्सर प्रयोग में लाते हैं.

किसी तरह की अतिरिक्त बिजली का प्रयोग उन्होंने न करने का दावा किया इसलिए इतना अधिक बिल नहीं आ सकता. उपभोक्ता ने अंदेशा भी जताया था कि हो सकता है कि बिजली के मीटर में कोई तकनीकी खराबी आ गई हो. उपभोक्ता की आपत्ति पर विभाग ने उनके घर समानांतर मीटर लगवाकर शिकायत की पुष्टि की.

38 हजार रुपए के बिल को ही उचित माना तथा उपभोक्ता को उसका भुगतान करने का फरमान जारी कर दिया. विभाग के इस रवैये से परेशान हुए उपभोक्ता ने ऐसे में न्याय का दरवाजा ही खटखटाना ही उचित समझा. जिला उपभोक्ता फोरम में दस्तक दे दी. इसी पर फोरम ने बिल की अदायगी पर रोक लगाते हुए विभाग से अपना पक्ष रखने के आदेश दिए है.