सीपी जोशी होंगे राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष

जयपुर : सीपी जोशी होंगे विधानसभा के अध्यक्ष
साभार इंटरनेट : सीपी जोशी

जयपुर. राजस्थान की 15वीं विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी होंगे. वहीं सीपी जोशी के नाम को लेकर शुरुआत से ही चर्चा चल रही थीं. इनके नाम को लेकर आखिर में कांग्रेस आलाकमान ने मुहर लगा दी.

बता दें कि सीपी जोशी जिले के नाथद्वारा विधानसभा से विधायक हैं. वह मेवाड़ इलाके से आते हैं. इस बार विधानसभा में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा. विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष दोनों ही मेवाड़ से आते हैं. मेवाड़ को इस तरह से तवज्जों देना लोकसभा चुनाव की तैयारियों की ओर इशारा कर रहे हैं.

गुलाब चंद कटारिया होंगे राजस्थान विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर

फिलहाल प्रोटेम स्पीकर गुलाब चंद कटारिया हैं. इसके साथ ही 15 तारीख को विधायकों को कटारिया ही शपथ दिलाएंगे. उसके बाद सीपी जोशी को राज्यपाल कल्याण सिंह शपथ दिलाएंगे.

“सीपी साहब” के नाम से राजस्थान की राजनीति में बड़ी पहचान

डॉ. सी.पी. जोशी, जिन्हें “सीपी साहब” के नाम से जाना जाता है, कांग्रेस वरिष्ठ नेता हैं. 29 जुलाई, 1950 को राजस्थान के नाथद्वारा में जन्मे,जोशी श्री भुदेव प्रसाद जोशी और श्रीमती सुशीला देवी जोशीके पुत्र हैं. इन्होंने नाथद्वारा में अपनी प्राथमिक और उच्चमाध्यमिक शिक्षा प्राप्त की. इन्होंने एम. बी. कॉलेज, उदयपुर से लॉ से बीए किया.

बाद में उन्होंने भौतिक विज्ञान और मनोविज्ञान में अपनी परास्नातक पूरा किया. उनके पास मनोविज्ञान में पीएचडी भी है. सी. पी. जोशी ने एम. बी. कॉलेज, उदयपुर में एक प्रवक्ता के रूप में काम किया है. उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर में मनोविज्ञान के प्रोफेसर के रूप में भी काम किया है.

राजनीति में जोशी की भागीदारी मोहन लाल सुखाड़िया ने की, जिन्हें ’’आधुनिक राजस्थान का निर्माता’’ कहा जाता है. तब से राजनीति में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है. डॉ. जोशी ने अपना राजनीतिक करियर 1973 में शुरू किया और धीरे-धीरे सफलता की सीढ़ी पर चढ़ गए. 1973 में वह उदयपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष बने. 1998 में राजस्थान के कैबिनेट मंत्री के रूप में, उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और नीति योजना जैसे विभिन्न विभागों को संभाला.

2003 में उन्हें राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया. मई 2009 में उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायती राज के केंद्रीय मंत्रालय के प्रमुख के रूप में भारत की संसद में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया. वह राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे. उनके कार्यकाल के दौरान राजस्थान टीम ने दो बार रणजी ट्रॉफी जीती.