मिलिए पाकिस्तान की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में जगह बनाने वाले पहले सिख खिलाड़ी से

नई दिल्ली. अभी हाल ही में पाकिस्तान में जनगणना को लेकर सिख समुदाय के लोगों में नाराज़गी देखी गई. यह समुदाय इस बात को लेकार नाराज था कि जनगणना रजिस्टर में सिखों के लिए अलग से कॉलम नहीं है. लेकिन अब पाकिस्तान से ही सिखों के लिए खेल से अच्छी ख़बर आई है. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले महिंदर पॉल सिंह ने पाकिस्तान की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में जगह बनाई है.

बीबीसी हिंदी की ख़बर के मुताबिक 22 साल के महिंदर पॉल सिंह पाकिस्तान की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में पहुंचने वाले देश के पहले सिख क्रिकेटर बन गए हैं. महिंदर पॉल ने एक टैलेंट हंट कार्यक्रम के जरिए पाक के घरेलू क्रिकेट में जगह बनाई थी. ये पाकिस्तान में रह रहे उन अल्पसंख्यकों के लिहाज़ से भी अच्छी खबर है जो आगे आकर कुछ करने का जज्बा रखते हैं.

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इससे पहले भी पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में हिन्दू दानिश कनेरिया और यूसुफ़ योहाना जैसे खिलाड़ी खेल चुके हैं. जब यूसुफ़ ने खेलना शुरू किया था तो वह इसाई धर्म से ताल्लुक रखते थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म क़ुबूल कर अपना नाम मोहम्मद यूसुफ़ रख लिया.

सिख समुदाय से इस मुक़ाम तक पहुंचना वाकई में अपने आप में एक बड़ी बात है. बीबीसी से बात करते हुए महिंदर ने माना कि अभी भी कुछ जगह अल्पसंख्यक होने की वजह से दुर्व्यवहार होता है लेकिन सब जगह ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं नहीं समझता कि कोई भी मुझे सिख होने की वजह से रोकेगा.

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