किसानों और बागवानों की उन्नति में सीएसआईआर संस्थान की अहम भूमिका: बंडारू दत्तात्रेय

किसानों और बागवानों की उन्नति में सीएसआईआर संस्थान की अहम भूमिका: बंडारू दत्तात्रेय-Panchayat Times
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय

शिमला. राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर ने हींग और राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाए जाने वाले फलों (मोंक फ्रूट्स) को प्रोत्साहन देने के लिए सराहनीय कार्य किया है. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को राज्य की विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से आगे ले जाने की आवश्यकता है ताकि इनके लाभ व्यापक स्तर पर मिल सकें.
राज्यपाल मंगलवार को सीएसआईआर-हिमाचल जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर के एक समारोह में सम्बोधित कर रहे थे. किसानों और बागवानों की उन्नति में सीएसआईआर संस्थान की अहम भूमिका है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सम्भावित नए क्षेत्रों में केसर की खेती की सफलता न केवल स्थानीय किसानों में समृद्धि लाएगी बल्कि इससे देश में केसर के उत्पादन की घटती स्थिति में भी सुधार होगा. उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि इस संस्था में उत्तरी-पूर्वी राज्यों में 16.25 एकड़ क्षेत्र में सेब की खेती आरम्भ की है. ठोस कचरा प्रबन्धन आज चिन्ता का बड़ा कारण है और मन्दिर के कचरे से अगरबत्ती का निर्माण संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संस्थान की गतिविधियों में उद्यमिता विकास और स्टार्टअप तथा कौशल विकास सतत् विकास की दिशा में बहुमूल्य है.

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सेब, बादाम, चौरी, आडू, आम, नींबू प्रजाति और अन्य फलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहा है. इन फलों के साथ-साथ सब्जियों की कटाई के बाद के नुकसानों को रोकना गम्भीर राष्ट्रीय समस्या है. राज्यपाल ने कहा कि औषधीय पौधों पर लगातार बढ़ती निर्भरता और इसके अन्धाधुंध दोहन में तेजी से गिरावट आई है.
 

उन्होंने 350 केवीए की सौर ऊर्जा सुविधा का शुभारम्भ किया और 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 120 कमरों के छात्रावास की आधारशिला रखी. उन्होंने पुल और सड़क नेटवर्क का शुभारम्भ भी किया.