सीएसआईआर ने शुरू किया किसान सभा ऐप, जानें इसमें क्या कुछ है खास, 200 नई मंडियां भी ‘ई-नाम’ प्लेटफॉर्म से जुड़ीं

सीएसआईआर ने शुरू किया किसान सभा ऐप, जानें इस ऐप में क्या कुछ है खास, 200 नई मंडियां भी ‘ई-नाम’ प्लेटफॉर्म से जुड़ीं - Panchayat Times
किसान सभा ऐप

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान किसानों को रबी फसल की कटाई से लेकर बिक्री और खरीफ फसल की बुआई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. इसको देखते हुए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) ने किसान सभा के नाम से नया ऐप लॉन्च किया है.

इस ऐप के जरिए देश के दूरदराज इलाकों के किसान सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट की सुविधा से जुड़ सकते हैं. इस ऐप की मदद से किसानों की फसल की बिक्री और खाद-बीज खरीदने जैसी समस्या का समाधान भी हो पाएगा.

क्या है ऐप के लक्ष्य :

इसका लक्ष्य किसानों को सबसे निकटतम मंडियों में उपज मूल्यों की तुलना करके तथा सस्ती कीमत पर मालवाहक वाहन की बुकिंग करके फसलों की उचित मूल्य दर प्रदान करने में मदद करेगा जिससे किसानों को अधिकतम लाभ मिल सकेगा.

किसान सभा ऐप किसानों, ट्रांसपोर्टरों, कीटनाशक व उर्वरक डीलरों, कोल्ड स्टोर और गोदाम मालिक जैसे सेवा प्रदाताओं को जरूरत पड़ने पर आपस में जोड़कर उनके काम को आसान बनाता है. किसान सभा ऐप उन लोगों के लिए भी एक मंच प्रदान करता है जो सीधे किसानों से उनके उत्पाद खरीदना चाहते हैं. किसान सभा में किसानों, मंडी डीलरों, ट्रांसपोर्टरों, मंडी बोर्ड के सदस्यों, सेवा प्रदाताओं, उपभोक्ताओं के लिये 6 प्रमुख मॉड्यूल हैं.

अन्य सुविधाएं :-

यह पोर्टल कृषि से संबंधित प्रत्येक इकाई के लिये एकल स्टॉप (Single Stop) के रूप में कार्य करता है क्योंकि वे किसान जिन्हें फसलों की बेहतर कीमत की आवश्यकता है या मंडी डीलर जो अधिक किसानों एवं ट्रक ड्राइवरों से जुड़ना चाहते हैं, उन सबके लिये मददगार साबित होगा. यह उन लोगों के लिये भी एक मंच प्रदान करता है जो सीधे किसानों से उनकी उपज खरीदना चाहते हैं.

200 नई मंडियां ‘ई-नाम’ प्लेटफॉर्म से जुड़ीं

सरकार ने राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-Nam) में 7 राज्यों की 200 और मंडियों को जोड़ दिया है. इसके साथ ही इस प्लेटफार्म से देश भर की 785 मंडियां जुड़ गईं हैं, जिसमें किसी भी हिस्से का कोई किसान अपनी उपज बेच सकता है.

ई-नाम प्लेटफॉर्म से नई जुड़ने वाली 200 मंडियों में राजस्थान की 94, तमिलनाडु की 27, गुजरात व उत्तर प्रदेश की 25-25, ओडिशा की 16, आंध्र प्रदेश की 11 एवं कर्नाटक की 2 मंडियां शामिल हैं.

सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) :

सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) वर्ष 1952 में स्थापित एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशाला है. यह वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific and Industrial Research- CSIR) के एक इकाई के रूप में सड़कों एवं रनवे के डिज़ाइन, निर्माण तथा रखरखाव, बड़े एवं मध्यम शहरों के यातायात और परिवहन की योजनाओं आदि पर अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को पूरा करता है.

किसानों के लिए आज भी दावे तो बहुत कुछ करने के किये जाते है लेकिन उनकी स्तिथि को देखकर यासीन अनवर द्वारा कही गई ये बात काफी स्टीक बैठती है-

“कच्चे घरों के बाहर एक कच्ची सड़क,

सड़क पर चलता हुआ एक गरीब आदमी,

ये कहने लगा कहाँ कुछ आता है किसान तक,

पक्की सड़क बनी तो है मगर बस पक्के मकान तक“.