आरएसएस के बीस दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का हुआ समापन

आरएसएस के बीस दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का हुआ समापन-Panchayat Times
फाइल फोटो : साभार इंटरनेट

सोलन. जिला सोलन के नालागढ़ में पिछले 20 दिनों से चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रशिक्षण वर्ग संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष का शनिवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर बौद्धिक संदेश के साथ समापन हो गया. इसमें हिमाचल, पंजाब, दिल्ली, जम्मू कश्मीर और हरियाणा से 361 शिक्षार्थी, 70 प्रबन्धक व 49 शिक्षकों सहित 480 स्वयंसेवकों ने भाग लिया.

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि गणतंत्र दिवस का संदेश, हमारा कर्तव्य, त्याग, संघर्ष, इतिहास की याद कराने वाला है. प्रत्येक वर्ष संघ के 80 वर्ग लगते हैं. इन वर्गों में लगभग 25000 शिक्षार्थी भाग लेते हैं. इसके अतिरिक्त संघ के 1000 प्राथमिक शिक्षा वर्ग प्रतिवर्ष लगते हैं. जिनमें एक लाख के लगभग स्वयंसेवक प्रशिक्षण लेते हैं. शिक्षण लेने के पश्चात् स्वयंसेवक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य करते हैं.

उन्होंने कहा कि संघ का विचार है कि भारत एक राष्ट्र है, प्राचीन राष्ट्र और हिन्दु राष्ट्र है. कोई भी महापुरुष कहीं भी जन्मा हो उसको संपूर्ण देश में मानते हैं. गुरुगोविंद सिंह जी के समय पंच प्यारे देश के विभिन्न भागों से चुने गए, किसी एक स्थान के नहीं थे.

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अरुण कुमार ने कहा कि जगदगुरू शंकाराचार्य ने पूरे राष्ट्र को उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम में चार मठों की स्थापना कर राष्ट्र के रूप में पिरोया. भारत को राष्ट्र न मानने वाले लोग भी यहां हैं. भारतीय संस्कृति एक विशेष संस्कृति है. मजहब के आधार पर राष्ट्र नहीं बनते. भारत का अतीत गौरवशाली रहा है. शिक्षा में भी अपना देश अग्रणी रहा है. समाज और देश के लिए देशभक्ति, संगठन, अनुशासन व स्वाभिमान के आधार पर परिवर्तन आएगा. किसी राष्ट्र का भविष्य उसके समाज पर निर्भर करता है. संघ कोई बड़ा संगठन खड़ा नहीं करना चाहता वह तो देश को संगठित करना चाहता है.

कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख रामेश्वर दास, प्रांत कार्यवाह किस्मत कुमार, प्रांत प्रचारक संजीवन कुमार, प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, प्रदेश शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद अनुराग ठाकुर, विधायक बलवीर वर्मा, नालागढ़-बद्दी के प्रशासनिक अधिकारी, बीबीएनडीए व परवाणु उद्योग क्षेत्र के उद्योगपति, विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.