नई दिल्ली. राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन (NMCM) के तहत चलाए जा रहे “मेरा गांव मेरी धरोहर (MGMD)” कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के गांवों की सांस्कृतिक पहचान को डिजिटल रूप में दर्ज किया जा रहा है। अब तक 6.23 लाख गांवों का सांस्कृतिक मानचित्रण किया जा चुका है।
प्रत्येक गांव की एक अलग प्रोफाइल बनाई गई
केंद्र सरकार ने MGMD पोर्टल को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है, जहां गांवों से जुड़ी सांस्कृतिक जानकारी एकत्र कर प्रदर्शित की जाती है। इस पोर्टल पर राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत और गांव स्तर पर डेटा व्यवस्थित किया गया है और प्रत्येक गांव की एक अलग प्रोफाइल बनाई गई है।
पोर्टल पर सांस्कृतिक प्रोफाइल, विरासत स्थल, मेले-त्योहार, पारंपरिक कला-शिल्प, भोजन, वेशभूषा, आभूषण, रीति-रिवाज, प्रसिद्ध व्यक्तित्व, कलाकार, भौगोलिक-जनसांख्यिकीय और विकास प्रोफाइल जैसी जानकारी उपलब्ध है। साथ ही “Village Walkthroughs” टैब में कुछ गांवों की संस्कृति को वीडियो के माध्यम से भी दिखाया गया है।
स्थानीय समुदाय “Contribute” टैब के जरिए अपने गांव से जुड़ी सांस्कृतिक जानकारी अपलोड कर सकते हैं, जिसे सत्यापन के बाद पोर्टल पर जोड़ा जाता है। हालांकि, इस कार्यक्रम में अनुदान, आजीविका सहायता या सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट को मजबूत करने से जुड़े प्रावधान शामिल नहीं हैं।
