तीसरे दिन पौंग झील में तैरता हुआ मिला डूबे हुए मछुआरे का शव

तीसरे दिन पौंग झील में तैरता हुआ मिला डूबे हुए मछुआरे का शव-Panchayat Times
साभार इंटरनेट
धर्मशाला. पौंग झील में बीते बुधवार को मछली पकड़ने के दौरान डूबे मछुआरे का शव आज सुबह झील में तैरता हुआ मिला. शव के मिलने की सूचना के बाद एनडीआरएफ की टीम ने उसे बाहर निकाला. गौरतलब है कि ग्राम पंचायत झकलेहड़ के निवासी दिलबाग सिंह (42) पुत्र ईश्वरदास पौंग झील में मछली पकड़ने का काम करता था. बीते बुधवार सुबह मछली को जाल डालते समय नाव का एक लकड़ी का फटा टूट जाने के कारण दिलबाग सिंह झील में गिर गया.
दिलबाग को तैरना नहीं आता था, जिसके चलते वह झील में डूब गया. पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने तीन दिन तक उसकी तलाश की. आज तीसरे दिन उसका शव झील में झील में तैरता हुआ मिला, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा तैयार करने के उपरांत उसका पोस्टमार्टम देहरा अस्पताल में करवाकर परिजनों को सौंप दिया.
गौर हो कि एनडीआरएफ की टीम ने दिलबाग सिंह को खोजने के दो दिन तक प्रयास किए थे. गुरुवार को टीम ने झील में ओपीएम पाउडर डाला था, जिसके बाद शुक्रवार सुबह मछुआरे का शव झील में तैरता हुआ पाया गया. डीएसपी देहरा रणधीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए मछुआरे के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया.
उधर स्थानीय पंचायत के पूर्व प्रधान रणजीत सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि दिलबाग सिंह एक गरीब परिवार से संबंध रखता था. उसकी दो बेटियां व एक बेटा है. पूर्व प्रधान ने पीड़ित परिवार के लिए जल्द से जल्द आर्थिक सहायता की मांग प्रशासन से की है.इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य विभाग से पौंग झील में काम करने वाले अन्य मछुआरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लाइफ सेफ्टी जैकेट व अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाने की भी मांग की, ताकि ऐसा हादसा पुनः किसी अन्य के साथ ना हो सके.