”पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटाने को वैट में कमी का फैसला ले सरकार”

''पेट्रोलियम पदार्थों के दाम घटाने को वैट में कमी का फैसला ले सरकार''
प्रतीक चित्र

शिमला. केंद्र की असफलता के चलते देश में जहां पेट्रोल और डीजल के दाम बेलगाम होकर लगातार बढ़ रहे हैं. वहीं, हिमाचल सरकार के अड़ियल रवैये के कारण प्रदेश को राहत नहीं मिल रही है. जबकि वैट कम कर पेट्रोल और डीजल की कीमत में राहत प्रदान की जा सकती है. इससे किराया बढ़ाने की नौबत भी नहीं आएगी. यह बात नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रदेश सरकार की ओर से बसों का किराया बढ़ाने के कदम के बीच अपनी प्रतिक्रिया में कहीं.

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान को छू रहे हैं, केंद्र सरकार कोई भी कदम दाम को कम करने के लिए नहीं उठा पाई है. बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीमतों को कम करने के स्थान पर विदेशी दौरों और राजनीति करने में व्यस्त हैं. मुकेश ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ पेट्रोल  डीजल की कीमतों पर खड़े हो गए हैं, इसीलिए लगातार दाम रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लगातार दाम बढ़ने के चलते जहां महंगाई बढ़ रही है. वहीं, दूसरी ओर डीजल के दाम में बढ़ोतरी के कारण ट्रक, बस , ऑटो और टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोग भी किराया बढ़ाने की मांग करने लगे हैं. हिमाचल में तो इसके लिए निजी बसों के चक्के जाम तक हो रहे हैं, जो प्रदेश की भाजपा सरकार की विफलता और असफलता की कहानी को ब्यान करता है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वैट से राहत देने के स्थान पर सरकार जनता पर दोहरी मार करने के लिए किराया बढ़ाने की बात कर रही है. पूर्व की वीरभद्र सरकार के समय जब पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़े थे तब भी कांग्रेस की सरकार ने बस किराए में बढ़ोतरी नहीं की थी. बल्कि जनता को कुछ राहत वैट में राहत देकर की थी.

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से मुख्यमंत्री को वर्तमान समय को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए वैट में कुछ कमी करने का फैसला लेना चाहिए. इससे जहां आम जनता को कुछ लाभ होगा. वहीं, किराए की बढ़ोतरी करने से भी बचाव हो जाएगा. किराया बढ़ोतरी से जनता की जेब पर असर पड़ेगा और इसके लिए भाजपा जिम्मेदार होगी. यूपीए सरकार के समय जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े थे तो प्रधानमंत्री सहित भाजपा के बड़े नेता आंदोलन करते नहीं थकते थे. अब भाजपा के नेता बताएं कि वह किस मुंह से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने पर इसे जायज ठहरा रहे हैं. अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम हुए हैं, जबकि यूपीए सरकार में अधिक थे, इसके बावजूद मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल को महंगे दामों पर बेच रही है.

उन्होंने कहा कि क्यों अब मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाती. इस पर भाजपा को सफाई देनी चाहिए. नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से परिवहन निगम में ठेके पर कंडक्टरों की भर्ती करने के मामले पर सवाल उठाया है. मुख्यमंत्री बताएं कि आखिर क्या जरूरत आई है कि सरकार कंपनियों से टेंडर मंगाकर आउटसोर्स पर कंडक्टर रखना चाहती है? उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवाओं को सीधा रोजगार देना चाहिए ,रिक्त पदों को पूरी प्रक्रिया के तहत भरा जाना चाहिए. ठेके पर रखने के पीछे सीधा-सीधा दाल में काला नजर आता है.

उन्होंने कहा कि यह हिमाचली नौजवानों व बेरोजगारों के साथ भी अन्याय होगा. इस प्रकार प्रदेश के खजाने को कंपनियों को लुटाने से मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को परहेज करना चाहिए और अपने मंत्रियों पर भी इस प्रकार के लोकप्रिय निर्णय लेने पर लगाम लगानी चाहिए.