दिव्यांगता से लाचार लेकिन कहा है सरकार

कुल्लू. कहते है कि अगर इंसान में हिम्मत और जज्बा हो तो वो कोई भी काम आसानी से कर सकता है. ऐसी ही हिम्मत लेकर चला है जिला कुल्लू के मौहल में रहले वाला गौतम. गौतम दिव्यांगता से लाचार है लेकिन दिव्यांगों के हितों की बात करने वाली सरकार का कोई पता नहीं है.

हालांकि, ऐसा नहीं है कि इस मामले की जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जानकारी न हो. सब कुछ पता होने के बाद भी सरकारी तंत्र अनलान बना हुआ है. ऐसे में दिव्यांग गौतम मौहल में नेचर पार्क के पास खुले में छोटी सी दुकान चलाकर अपने और परिजनों का पेट पाल रहा है. शारीरिक रूप से दिव्यांग गौतम ने बताया कि वह मौहल का ही रहने वाला है और उसकी माता भी दिव्यांग है और पिता भी पैरालिसिस का शिकार है.

उसने बताया कि 12वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है और सरकारी मदद की आस में वह सरकारी कार्यालय से लेकर विधायक मंत्रियों से भी मिल चुका है, लेकिन उसे आज तक कोरे आश्वासन के सिवा कुछ भी हाथ नहीं लगा है. अब वह दोबारा उनके आगे हाथ नहीं जोड़ना चाहता है. गौतम ने बताया कि वो मौहल नेचर पार्क के पास खिलौनो की छोटी दुकान चलाता है और उससे ही वो अपने परिजनों का पेट पाल रहा है.

उसका कहना है कि सरकारी तंत्र के आगे तो वह नाकाम रहा है, लेकिन परिवार को पालने के लिए उसे कुछ तो करना ही होगा. ऐसे में अब उसने ठान लिया है कि वह हिम्मत नहीं हारेगा और अपने दम पर ही समाजे में आगे जाने की कोशिश करेगा ताकि अन्य दिव्यांग भी उसे देख जीने की प्रेरणा ले सके.