झारखंड में कुपोषण से निपटने के लिए मनरेगा और जेएसएलपीएस के माध्यम से शुरू की जा रही है दीदी वाड़ी योजना क्रियान्वयन गांव स्तर तक

झारखंड में कुपोषण से निपटने के लिए मनरेगा और जेएसएलपीएस के माध्यम से शुरू की जा रही है दीदी वाड़ी योजना क्रियान्वयन गांव स्तर तक - Panchayat Times
Preparedness Meeting in Jharkhand's Chaibasa regarding Didi Vadi scheme

रांची. राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने कहा कि राज्य में कुपोषण को समाप्त करने के लिए मनरेगा और जेएसएलपीएस के माध्यम से दीदी वाड़ी योजना शुरू की जा रही है. इस योजना के माध्यम से 5 लाख परिवारों को छह माह के जोड़ा जाएगा. आराधना पटनायक शुक्रवार को मनरेगा योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को यह जानकारी दी.

सभी स्थानीय एवं प्रवासी मजदूरों को उपलब्ध कराया जायेगा रोजगार

पटनायक ने कहा कि राज्य में धान रोपनी के बाद बड़ी संख्या में मजदूरों को काम की जरूरत पड़ेगी. इसी को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग एक अभियान चलाकर बड़े स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर कार्य करेगा.

उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से 22 अक्टूबर तक मिशन मोड में अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जाए ताकि सभी स्थानीय एवं प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके. अभियान की अवधि में डेढ़ करोड़ मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य है.

क्यों पड़ी जरूरत

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार झारखंड में 5 साल से कम आयु के 45.3 फीसदी बच्चे एवं 65.2 फीसदी महिलाएं कुपोषित हैं. कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण आंगनबाड़ी और स्कूल बंद होने से गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी बड़े स्तर पर प्रभावित हुए हैं.

क्या है योजना

योजना का क्रियान्वयन एक से पांच डिसमिल जमीन पर हो सकेगा. साथ ही भूमिहीन ग्रामीणों द्वारा भी 2 से 5 लोगों के समूह में सार्वजनिक जमीन पर ग्रामसभा की अनुमति से दीदी वाड़ी योजना शुरू की जा सकती है. इस योजना के सफल संचालन के लिए लाभुकों को पोषण संबंधी प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस योजना का क्रियान्वयन गांव स्तर तक किया जाना है.

भोजन के तहत दीदी वाड़ी योजना में सब्जी, पपीता, केला आदि के पौधे लगाये जायेंगे और इस पर होने वाला खर्च जेएसएलपीएस द्वारा वहन किया जायेगा. इसके अलावा प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण सामग्री का खर्च भी जेएसएलपीएस द्वारा ही की जायेगी.

योजना के सफल संचालन के लिए मिलेगा प्रशिक्षण

दीदी वाड़ी सखी का प्रशिक्षण जेएसएलपीएस की ओर किया जायेगा. इसके तहत प्रशिक्षण सामग्री तैयार करना, राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, जिला एंव प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षक तैयार करना, दीदी बाड़ी का प्रशिक्षण, लाभुकों का प्रशिक्षण, मनरेगा कर्मी एवं पंचायत प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण किया जायेगा.