नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के टोल प्लाज़ा पर अब पूरी तरह डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू कर दी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, 10 अप्रैल से सभी टोल शुल्क केवल डिजिटल माध्यमों—FASTag और Unified Payments Interface (UPI)—के जरिए ही वसूले जा रहे हैं।
क्या है नई व्यवस्था?
मंत्रालय के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाज़ा पर पारदर्शिता बढ़ाना, समय की बचत करना और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है। अब वाहन चालकों को नकद भुगतान की सुविधा नहीं मिलेगी, जिससे लंबी कतारों और जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
किन राज्यों में फिलहाल लागू नहीं?
हालांकि, यह व्यवस्था अभी सभी राज्यों में लागू नहीं की गई है। तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में फिलहाल यह नियम लागू नहीं होगा। इन क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया के चलते लागू आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के कारण इस फैसले को अस्थायी रूप से रोका गया है।
सरकार का क्या कहना है?
मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल टोल कलेक्शन से न सिर्फ नकदी के इस्तेमाल में कमी आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही, इससे टोल संचालन में दक्षता और राजस्व संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी।
वाहन चालकों के लिए सलाह
सरकार ने सभी वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे अपने वाहनों में FASTag सक्रिय रखें या UPI के जरिए भुगतान की सुविधा सुनिश्चित करें, ताकि टोल प्लाज़ा पर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
