मुख्यमंत्री ने दिया राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य से अधिक वसूली के निर्देश

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को झारखण्ड मंत्रालय में वाणिज्यकर, उत्पाद, परिवहन, निबंधन एवं भू-राजस्व के राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य और उसकी प्राप्ति के लिए विभागों की ओर से तय की गई कार्य योजना और रणनीति की व्यापक समीक्षा के बाद निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व की प्राप्ति होनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी समस्याओं को हम दूर करेंगे लेकिन आप राजस्व प्राप्ति के लिये पूरे मन से जुट जाएं. प्रत्येक स्तर पर रणनीति हो. बैकअप प्लान हो. कहां-कहां समस्याएं आ सकती हैं, उसे अभी से रेखांकित करें. राजस्व संग्रहण में खुले मन से प्रभावकारी रणनीति होनी चाहिए. गत वर्ष की उपलब्धियों तथा सीमित संसाधन को ध्यान में रखें. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जहां लीकेज है, गड़बड़ी की शिकायत है, वहां कार्रवाई भी करें. साथ ही, आईटी का प्रभावकारी उपयोग करें. बिलिंग, स्टाॅक क्रय-विक्रय आदि सभी विषयों पर आईटी का उपयोग करें.

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रोफेशनल और उच्चस्तरीय अनुभवी एजेंसी को टैक्स प्रोजेक्सन बेस का आकलन का कार्य दिया जाए कि प्रत्येक व्यवसाय में कुल कितना राजस्व प्राप्ति की क्षमता है. ताकि हम अपने लक्ष्य को वास्तविक बना सकें.

मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की प्रणाली का भी अध्ययन करने का निर्देश दिया है. एक क्षेत्र/नगर विशेष के लोगों के उपभोग का आकलन कर यह जाना जा सकता है कि कुल कितना क्रय-विक्रय हो रहा है और कितना राजस्व आना चाहिए. इससे भविष्य में राज्य की आय की वृद्धि होगी.

मुख्यमंत्री ने एनफोर्समेंट अर्थात प्रवर्तन को प्रभावकारी बनाने का निर्देश भी दिया. उन्होंने मानव क्षमता बढ़ाने, नीतिगत फैसले लेने और अवैध कारोबार पर कारगर प्रहार करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग आपस में समन्वय रखते हुए जानकारी साझा करें इससे बेहतर परिणाम मिलेंगे.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वाणिज्यकर 16050 करोड़, उत्पाद 1000 करोड़, परिवहन 1100 करोड़ और निबंधन 700 करोड़ के निर्धारित लक्ष्य से आगे जाकर अपनी उपलब्धि को हासिल करें.

बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, अपर मुख्य सचिव वित्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव  केके खण्डेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डाॅ. सुनील कुमार वर्णवाल, उत्पाद एवं परिवहन सचिव राहुल शर्मा, उत्पाद आयुक्त भोर सिंह यादव मौजूद रहे.