तीन दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचे राष्ट्रपति का द्रौपदी मुर्मू और हेमंत सोरेन ने किया स्वागत

झारखंड पहुंचे राष्ट्रपति का द्रौपदी मुर्मू और हेमंत सोरेन ने किया स्वागत-Panchayat Times
साभार टिट्टर

रांची. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय झारखंड दौरे पर शुक्रवार को रांची पहुंचे. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति का स्वागत किया. इसके बाद राष्ट्रपति राजभवन के लिए रवाना हो गए. शाम को राष्ट्रपति राजधानी के चेरी मनातू स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दूसरी बार झारखंड आए हैं. 2019 में भी राष्ट्रपति रांची आए थे, लेकिन भारी बारिश की वजह से उनका गुमला और देवघर का प्रस्तावित दौरा रद हो गया था.

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे राष्ट्रपति

राष्ट्रपति सेंट्रल यूनिवर्सिटी, झारखंड के पहले दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे और नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वे राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे. फिर 29 फरवरी को वे गुमला के बिशुनपुर जाएंगे जहां वे पद्मश्री अशोक भगत के विकास भारती में संचालित योजनाओं के बारे में जानेंगे. फिर वहां आदिवासी ट्राइबल सेंटर स्थित ज्ञान निकेतन में अनाथ आदिम जाति व जनजाति के बच्चों से भी मिलेंगे. इसके बाद राष्ट्रपति देवघर पहुंच कर बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे. फिर राष्ट्रपति एक मार्च को सुबह रांची से रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगे.

10 टॉपरों को राष्ट्रपति देंगे गोल्ड मेडल

रांची स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड का पहला दीक्षांत समारोह शुक्रवार को होने जा रहा है। इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद शामिल होंगे. दीक्षांत के मुख्य समारोह में 96 टॉपरों में से सिर्फ 18 टॉपरों को गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। इसमें 10 टॉपरों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गोल्ड मेडल प्रदान करेंगे. वहीं आठ टॉपरों को सीयूजे के चांसलर जस्टिस वीएन खरे देंगे. वे यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनेंगे और उसके नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे.

29 फरवरी को गुमला के बिशुनपुर और देवघर जाएंगे राष्ट्रपति

29 फरवरी को राष्ट्रपति गुमला जिले के विशुनपुर में 10.20 बजे से 11.30 बजे तक विकास भारती के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. 29 फरवरी को राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर विद्या मंदिर बहेरा टाड में लैंड करेगा. जिसके बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से विकास भारती प्रखंड मुख्यालय पहुंचेंगे. जहां पर पद्मश्री अशोक अशोक भगत उनका स्वागत कर विकास भारती में संचालित विभिन्न योजनाओं को बताएंगे. साथी ही विकास भारती परिसर में महिला समूह, बढ़ई गिरी, मलार गिरी, आदिम जनजाति द्वारा निर्मित लोहा निर्माण, खादी संबंधित कई स्कूल का भी अवलोकन करते हुए आदिवासी ट्राईबल सेंटर पहुंचेगे. जहां पर आदिवासियों के रहन-सहन सहित अन्य चीजों की जानकारी लेंगे. जिसके बाद कैंपस अंदर से ही ज्ञान निकेतन पहुंचेंगे. जहां पर अनाथ आदिम जनजाति व जनजाति बच्चों से मुलाकात करेंगे.

क्या है विकास भारती संस्था

विकास भारती बिशुनपुर एक स्वैच्छिक संस्था है. 36 वर्षों से संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, जल संरक्षण, पारिस्थितिक संरक्षण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, मधुमक्खी पालन समेत अन्य विधा में जनजातियों को सक्षम बना रही है. विकास भारती के सचिव पद्मश्री अशोक भगत ने बेहतर काम कर यह बता दिया कि गांवों के विकास से ही देश के विकास में तेजी आएगी. कृषि व कृषि आधारित उत्पादों के बल पर गांवों में खुशहाली लाई जा सकती है. संस्था ग्रामीणों को उन्नत खेती का प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. 1500 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया है. बिशुनपुर में वर्ष 1983 में स्थापित विकास भारती पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जल, जमीन, जंगल और जानवरों की रक्षा के लिए काम कर रही है. 12 आश्रमों में करीब 3000 बच्चों को नियमित नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है.