नई दिल्ली. ग्रामीण भारत को आधुनिक और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्रालय ने ड्रोन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से देश के 3.27 लाख करोड़ का हाई रेजोल्यूशन डिजिटल मैपिंग पूरा किया है। यह काम स्वामित्व योजना के तहत चलाया गया, जिसमें ग्रामीण परिवारों को कानूनी संपत्ति की पहचान दी जा रही है।
डूब क्षेत्र की आबादी का अत्यधिक सर्वेक्षण किया गया है। इन आंकड़ों का अब एआई-आधारित विश्लेषण किया जा रहा है, जिसमें जल निकासी प्रणाली, सड़कें, सीवर लाइनें, बिजली के खंभे और जल प्रबंधन जैसे शानदार कार्यों की बेहतर योजना संभव हो सकती है।
Google Earth से भी ज्यादा सटीक Drone Images
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन से ली गई तस्वीरों का resolution 1:500 है, जो Google Earth imagery की तुलना में कहीं अधिक स्पष्ट और सटीक है। इनसे गांवों की 3D images भी तैयार की गई हैं, जिनमें भवनों की ऊंचाई, लंबाई और संरचना की सटीक जानकारी मिलती है।
सर्वे के दौरान यह भी पता चला है कि किन घरों की छतें kachcha हैं और कौन-सी pucca, जिससे भविष्य की housing schemes को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।
IIT Bombay Hackathon और Startup Innovation
ड्रोन डेटा के बेहतर उपयोग के लिए मंत्रालय ने IIT Bombay के साथ मिलकर एक Hackathon आयोजित किया। इसमें 30 से अधिक startup teams ने हिस्सा लिया और Point Cloud Data के जरिए Digital Terrain Model (DTM) तैयार करने जैसे innovative solutions सुझाए। इन मॉडलों से water flow pattern, flood-prone areas और drainage design को वैज्ञानिक तरीके से समझना संभव होगा। इसमें से तीन सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन भी कर लिया गया है।
वाराणसी में Pilot Project से मिली सफलता
उत्तर प्रदेश के Varanasi district के सात गांवों—पूरे, कुरुहुआ, जयापुर, नागेपुर, बरियार, परामपुर और खखरिया—में इस योजना को Pilot Project के तौर पर लागू किया गया है। यहां high resolution geospatial data और hydro-meteorological analysis के आधार पर गांव स्तर पर drainage network design तैयार किया गया। भूमि की बनावट, land use और rainfall analysis से तालाबों और जल संरक्षण स्थलों की पहचान भी की गई।
24 जनवरी को होगी Presentation, मिलेगा Ground Feedback
इन गांवों में किए गए कार्यों की presentation 24 January को आयोजित की जाएगी, जिसमें Gram Pradhan, Panchayat Secretary, Block Development Officer (BDO) और राज्य स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। चर्चा और ground feedback के बाद इस मॉडल को अन्य गांवों में भी विस्तार दिया जाएगा।
3.27 लाख गांवों का Drone Survey पूरा
देश में लक्षित 3.40 लाख गांवों में से अब तक 3.27 लाख गांवों का drone survey पूरा हो चुका है। इससे ultra-high quality micro-level data उपलब्ध हुआ है।
अब तक 1.50 लाख गांवों में Property Cards वितरित किए जा चुके हैं। Swamitva Card की प्रक्रिया ड्रोन सर्वे, multi-level verification, digital mapping और physical inspection के बाद पूरी की जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि Drone Data + AI Analytics + Ground Verification का यह मॉडल ग्रामीण भारत में scientific planning और sustainable development की दिशा में game changer साबित होगा। इससे आने वाले वर्षों में Rural India Transformation की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
