बंजर जमीन को किसानों के लहू से सिंचने की पटकथा पर युवाओं ने बना डाली लघु फिल्म अखाड़ा

बंजर जमीन को किसानों के लहू से सिंचने की पटकथा पर युवाओं ने बना डाली लघु फिल्म अखाड़ा - Panchayat Times
Akhada movie poster

दुमका. जिले के तीन युवा कलाकारों ने मिल कर बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए एक मेहनतकश किसान के कठोर मेहनत, लगन और तपस्या पर आधारित लघु फिल्म अखाड़ा बना डाली है.

महज 8.45 मिनट में बनी फिल्म के माध्यम से युवकों ने कृषि प्रधान देश भारत के किसान को सलाम किया है. यूट्यूब चैनल 16 आना की यह दूसरी विडियो लोगों को खूब पसंद आ रही है.

बंजर जमीन को किसानों के लहू से सिंचने की पटकथा पर युवाओं ने बना डाली लघु फिल्म अखाड़ा - Panchayat Times
Farmer Working in the field in Dumka

अखाड़ा लघु फिल्म में कैमरा मैन मनोज कुमार, अभिनय में शिवा आर्या और निर्देशन युवा कवि उत्तम कुमार डे ने की है. लघु फिल्म के माध्यम से युवाओं का मकसद है कुछ ऐसा काम करें, जिसे हर वर्ग, उम्र के लोग देखें, सराहे और याद रखें.

अखाड़ा किसान के जीवन के उस युद्ध को दिखता है जो कभी खत्म नहीं होता

अखाड़ा एक किसान के जीवन के उस युद्ध को दिखता है जो कभी खत्म नहीं होता. उसका कर्म भूमि एक युद्धभूमि की तरह बनी हुई होती है. कविता के माध्यम से उस किसान को भगवान बताया है. मोबाइल से ही शूट इस विडियो की शूटिंग के समय अभिनेता द्वारा सच में उस खेत को खोद दिया गया. जिससे जो पसीना हो तो सच का हो और एक किसान के मेहनत को महसूस किया जा सके.

शिवा आर्या एक ऐसे उभरते कलाकार जो खुद को ही देते हैं चुनौती

शिवा आर्या एक ऐसे उभरते कलाकार हैं. जो खुद को ही चुनौती देते हैं और खुद से जीतने की जी तोड़ कोशिश करते हैं. कलमकार उत्तम कुमार डे जो एक मुर्गी पालक हैं और साहित्य में रूचि रखते एक युवा गीतकार एवं साहित्यकार है. मनोज कुमार दुमका में ही एक नीजी स्कूल में कार्यरत हैं और समय निकाल कर इस क्षेत्र में अपनी हूंनर को और तेज करते आ रहे हैं.

आगे युवा कलाकारों के एक अन्य लघु फिल्म विक्षुब्ध आने वाली है. उसके बाद किन्नर सम्मान पर ताली, नक्सली घर वापसी पर घर, ऑन ऑफ, कर्म इन सब विषय पर काम होना है. वर्तमान में लॉक डाउन के कारण शूटिंग बंद है.