छत्तीसगढ़ में पहले चरण के लिए थम गया चुनाव-प्रचार, 18 सीटों पर 12 नवंबर को होगा मतदान

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए शनिवार की शाम चुनाव प्रचार थम गया. पहले चरण में 12 नवंबर को नक्सल प्रभावी जिलों की 18 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. पहले चरण में बस्तर संभाग के सुकमा जिले के सुकमा विधानसभा सीट, बीजापुर जिले के बीजापुर, दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा, बस्तर जिले के चित्रकोट, बस्तर और जगदलपुर, नारायणपुर जिले के नारायणपुर, कोण्डागांव जिले के केशकाल और कोण्डागांव, कांकेर जिले के अंतागढ़, भानुप्रतापुर और कांकेर तथा राजनांदगांव जिले के खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी और मोहला-मानपुर विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा.

इस चरण में जिन 18 सीटों पर मतदान होगा उनमें से 12 सीट अनसूचित जनजाति के लिए और एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. पहले चरण में राज्य के 18 विधानसभा सीटों के लिए 31 लाख 79 हजार 520 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए 4 हजार 336 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. इस चरण में 16 लाख 21 हजार 839 महिला, 15 लाख 57 हजार 592 पुरुष तथा 89 तृतीय लिंग के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इस चरण में राज्य के आठ जिलों के 18 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे.

छत्तीसगढ़ में पांच साल पहले 11 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करते लोग

राज्य में वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बस्तर के कुल 12 विधानसभा सीटों में से 8 सीटों पर कांग्रेस को तथा 4 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी. वहीं राजनांदगांव के 6 सीटों में से 4 सीटों पर कांग्रेस और 2 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी. इस तरह पहले चरण में होने वाले 18 सीटों में से कांग्रेस के पास 12 और बीजेपी के पास 6 सीटें हैं. इन सीटों में से राजनांदगांव सीट से मुख्यमंत्री रमन सिंह विधायक हैं और इसबार भी वो इस सीट से ही चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं नारायणपुर सीट से स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप और बीजापुर सीट से वन मंत्री महेश गागड़ा विधायक हैं. इनके भी भाग्य का फैसला 12 नवंबर को ईवीएम में बंद हो जाएगा.

कड़ी सुरक्षा के बीच हेलीकॉप्टरों से मतदान दल रवाना

छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान के लिए नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के 16 संवेदनशील मतदान केन्द्रों के मतदान दलों को आज मतदान सामग्री के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया गया. वहां 12 नवम्बर को मतदान होना है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम मतदान के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील मतदान केन्द्रों तक मतदान दलों को लाने-ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है. बेहतर सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान पर्याप्त संख्या में तैनात किए गए हैं.