बिलासपुर(घुमारवीं). विधान सभा क्षेत्र में ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान कर ली गयी है जिनमें पिछले विधानसभा चुनाव 2012 में सबसे कम मतदान हुआ था. इन केंद्रों के अन्तर्गत क्षेत्र में इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिये इस चुनाव में विशेष अभियान लांच किया गया है, जिसका स्लोगन है- “भारत के लोकतंत्र को शत-शत नमन, शत-प्रतिशत मतदान के बाद ही लेंगे दम.”
इस अभियान की शुरुआत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरोटा से की गयी. क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में बरोटा मतदान केन्द्र न्यूनतम मतदान वाले केंद्रों में शामिल था. इस अवसर पर एकत्रित हुए लोगों में बैग (बूथ अवेयरनेस ग्रुप) के सदस्य, स्थानीय लोग, अध्यापक और छात्र- छात्राएं शामिल हुए.
एक छात्रा ने एसडीएम अनुपम ठाकुर से पूछा कि क्या शत-प्रतिशत मतदान संभव है. एसडीएम ने जवाब दिया कि हम और आप, सभी लोग, प्रत्येक नागरिक मिलकर प्रयास करें तथा आशावादी दृष्टिकोण रखें तो लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. इसके लिए हमें दूसरों पर दोष देने की अपेक्षा स्वयं अपने प्रजातंत्र के हित की जिम्मेदारी उठानी चाहिए. हम शत-प्रतिशत मतदान द्वारा प्रत्येक नागरिक की लोकतंत्र में भागीदारी सुनिश्चित करके देश का हित कर सकते हैं. यही सच्ची देश सेवा है.
एसडीएम ने यह भी कहा कि वह आने वाले दिनों में भी लगातार इस मुहीम को जारी रखेंगे तथा घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र के मतदाताओं से अनुरोध करेंगे कि वे स्वयं तथा उनके परिवार के सदस्यों का मतदान अवश्य करवाएं. पिछले विधानसभा चुनाव में तियून ख़ास, गतोल, डुगली, हटवाड़ 2, कोटला, दून, कल्लर, कोट 1, सलाओं उप्परली और बरोटा 2, इन दस मतदान केंद्रों में कम मतदान हुआ.
एसडीएम ने बताया कि उपायुक्त श्री ऋग्वेद ठाकुर ने घोषणा की है कि जो मतदान केन्द्र शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को हासिल करेगा, उसे पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से नवाज़ा जाएगा.