शिमला में बिजली की लाइनें होंगी भूमिगत, झूलती तारों से मिलेगा छुटकारा

शिमला में बिजली की लाइनें होंगी भूमिगत, झूलती तारों से मिलेगा छुटकारा-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

शिमला. राजधानी शिमला जल्द ही बिजली की झूलती तारों से मुक्त हो जाएगा. राज्य विद्युत बोर्ड ने शहर को बिजली की खुली तारों से मुक्त करने की कवायद शुरू कर दी है.

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राजधानी शिमला के माॅल रोड, लोअर बाजार, राम बाजार, बालूगंज, टूटू, खलीनी, संजौली समेत अन्य इलाकों में बिजली की लाइनें भूमिगत की जाएंगीं। करीब 35 किलोमीटर की परिधि तक बिजली की तारों को भूमिगत करने के लिए योजना तैयार कर ली गई है. शहर की सभी एलटी और 11 केवी लाइनें भूमिगत होने के बाद पूरे शहर में कही भी आसमान में लटकते हुए तार नहीं दिखेंगे. प्रारंभिक रूप से इस योजना की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इस कार्य को विद्युत बोर्ड चरणबद्व तरीके से करेगा. ट्रायल के तौर पर ईदगाह तारों को भूमिगत किया जा रहा है.

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इस योजना पर 28 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. योजना का काम पूरा होने के बाद राजधानी की बिजली व्यवस्था में भारी परिवर्तन नजर आयेगा. एलटी और अन्य लाइनें भूमिगत होने के बाद शहर में बिजली की आपूर्ति निर्बाध हो सकेगी.

बिजली बोर्ड के प्रवक्ता अनुराग पराशर ने सोमवार को बताया कि राजधानी में बिजली तारों को भूमिगत करने का कार्य चरणबद्व तरीके से किया जाएगा.

विदित हो कि राजधानी शिमला में बर्फबारी, बारिश व अंधड़ के दौरान बिजली की तारें व पोल टूटने की घटनाओं में बिजली बाधित होने से शहरवासियों व पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। मानूसन व विंटर सीजन में पेड़ों के उखड़ने से बिजली की तारों व पोलों के धराशायी होने से कई दिन बिजली गुल रहती है। बिजली लाईनों के भूमिगत होने से एक तरफ जहां शहर की खूबसूरती बढ़ेगी, वहीं बिजली तारों की चपेट में आकर होने वाले हादसों से भी निजात मिलेगी.

माध्यमPT DESK
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