किसान और मजदूर सरसों की कटाई में जुटे

किसान और मजदूर सरसों की कटाई में जुटे-Panchayat Times

नारनौल. जिला भर में किसान अपनी सरसों की कटाई में पूरे वेग से जुटे हुए हैं. मजदूर 1500 रुपए प्रति एकड़ की दर से सरसों की लावणी कर रहे हैं. करीब एक सौ मजदूर राजस्थान, 200 मजदूर उत्तर प्रदेश एवं बिहार से आए हुए हैं जो खेतों में रहकर ही लावणी का काम पूरा कर रहे हैं. किसान पल-पल मौसम बदलने से परेशान हैं.

सरसों की लावणी का काम पूरे वेग पर है. जिन किसानों की खेती बहुत कम है वो अपनी लावणी स्वयं कर रहे हैं. जिस किसान के पास खेती अधिक है वो मजदूरों से लावणी करवाकर जल्द से जल्द अपने काम को पूरा करने की सोच रहे हैं. ऐसे में मशीनों से भी लावणी करवाई जा रही है.

दूसरे प्रांतों से आए मजदूर अब गेहूं की लावणी करने के लिए भी तैयार हैं परंतु अभी गेहूं की लावणी में करीब एक पखवाड़े का समय बाकी है. मजदूर किसानों के खेतों पर ही निवास करते हैं और ग्रुप के रूप में मिलते हैं जो मिलकर जल्दी ही लावणी का काम पूरा कर देते हैं. यहां तक की रोजगार मिलने के कारण बहुत से मजदूर तो यहां पर किराये के मकानों में रहने लगे हैं. कनीना क्षेत्र में दिन के समय तापमान बढ़ता ही जा रहा है. जिसके चलते किसानों को फसल कटाई में भी दिक्कत आने की संभावना है. जहां सरसों की कटाई पूर्ण होने में समय लगेगा. उससे पहले गेहूं की कटाई सिर पर आ रही है. अधिक तापमान के चलते गेहूं की फसल जल्दी लावणी आ गई है.

किसान सरसों कटाई के साथ-साथ गेहूं की कटाई भी करने को बाध्य हो सकते हैं. तापमान बढ़ने से जहां दिन के समय तेज गर्मी पड़ती है और पसीने आने लगे हैं. जिसके चलते किसान की कटाई प्रभावित हो रही है. किसानों ने बताया कि यूं ही गर्मी पड़ती रही तो चंद दिनों में सभी खेतों से गेहूं की फसल भी लावणी आ जाएगी. ऐसे में तापमान बढ़ने से जहां गेहूं की फसल को पानी जल्दी देने की जरूरत पड़ रही है वही लावणी जल्दी आने के आसार बन गए हैं. यह भी माना जा रहा है कि किसानों को सरसों और गेहूं की फसल एक साथ लावणी करनी पड़ सकती है.