बजट में किसान और मध्यवर्ग को मिल सकती है राहत

बजट में किसान और मध्यवर्ग को मिल सकती है राहत-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार शुक्रवार को अपना अंतरिम बजट पेश करने जा रही है. आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए उम्‍मीद की जा रही है कि यह भले ही अंतरिम बजट हो लेकिन इसमें सभी फायदे आम बजट की तरह ही मिलेंगे.

बता दें कि अमेरिका में इलाज करा रहे वित्‍त मंत्री अरुण जेटली की गैर-मौजूदगी में इस बार यह बजट रेल मंत्री पीयूष गोयल पेश करेंगे. 31 जनवरी से शुरू हुआ संसद का बजट सत्र 11 फरवरी तक चलेगा. बजट में कई दिलचस्प घोषणाएं हो सकती हैं. इनमें संभवतः कृषि क्षेत्र के संकट को दूर करने के साथ-साथ मध्यवर्ग को टैक्स में राहत देने के प्रयास शामिल होंगे. दरअसल सरकार के सामने अगले आम चुनाव की चुनौती है. जिसे किसानों एवं मध्यवर्ग की विशाल आबादी का दिल जीतकर आसान बनाया जा सकता है.

लोकसभा चुनाव से पहले पेश किया जा रहा बजट में अनुमान है कि सरकार रूरल वेलफेयर फंड में 16 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी कर सकती है. अप्रैल से शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष के लिए पेश हो रहे बजट में ग्रामीण वर्ग के लिए कई बड़े ऐलान किए जाने की उम्मीद है.

छोटे व्यावसायों के लिए सस्ते कर्ज की योजना घोषित हो सकती है. कृषि क्षेत्र के राहत पैकेज में संभावित विकल्पों के तौर पर तेलंगाना राज्य की तर्ज पर किसानों को सीधे नकद राशि के हस्तांतरण की घोषणा की जा सकती है. उन किसानों के लिए जो समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं ब्याज मुक्त फसल ऋण देने की सुविधा दी जा सकती है. खाद्यान्न फसलों के बीमा पर प्रीमियम को समाप्त किया जा सकता है.

माना जा रहा है कि आम चुनाव में जाने से पहले सरकार इन घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को लुभाने का एक और प्रयास करेगी. यह बजट केन्द्र की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के मौजूदा कार्यकाल का छठा और अंतिम बजट होगा.