ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा संचालित सोलर लिफ्ट इरीगेशन प्रणाली को देखने पहुंच रहे है किसान

ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा संचालित सोलर लिफ्ट इरीगेशन प्रणाली को देखने पहुंच रहे है किसान - Panchayat Times

खूंटी. जिले के तोरपा प्रखंड का चंदरपुर और गुफू गांव अन्य जिलों के किसानों और युवाओं के लिए एक्सपोजर विजिट का केंद्र बन गया है. झारखंड सरकार के कल्याण मंत्रालय के माध्यम से संचालित  झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी के तहत सिमडेगा जिले के सदर और कुरडेग से आये 75 महिला और पुरुष तोरपा के गुफू और चंदरपुर गांव का दौरा किए.

चंदरपुर में नदी के पानी को सोलर संचालित लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से खेतों तक पहुंचाकर टपक सिंचाई विधि द्वारा लहलहाते नगदी फसल की बारीकियों को जाना और किसानों ने अपने अनुभव भी साझा किए. स्थानीय किसानों ने बताया कि शुरुवात में एक दो लोग ही खेती करते थे लेकिन प्रदान के थ्योरी और तकनीकी प्रशिक्षण के बाद केंद्र सरकार की मनरेगा और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से अब एक सौ से ज्यादा किसान एक साथ खेती कार्य मे जुटे हैं और सालाना एक लाख डेढ़ लाख की आमदनी कर रहे हैं.

बंजर जमीन में आम बागवानी और आम बागवानी के साथ सब्जी की खेती

झारखंड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी के तहत सिमडेगा जिले के सदर और कुरडेग प्रखंड से आये महिला, पुरुष और युवा एक साथ भूमि और जल संरक्षण की जमीनी हकीकत से रु-ब-रु हुए. बंजर जमीन में आम बागवानी और आम बागवानी के साथ सब्जी की खेती, खेतों में सोलर आधारित सिंचाई सुविधा और बाजार को गांव के खेतों तक पहुंचाने की बेहतर व्यवस्था ने सिमडेगा जिले के लोगों को नई सीख दी.

उन्होंने बताया कि खूंटी तोरपा आकर खेती और बागवानी को रोजगार की तरह अपनाने की सीख मिली. 50 हजार से एक-दो लाख रुपये खेतों की उपज से ही अर्जित की जा सकती है. तोरपा में प्रदान के सैद्धान्तिक सह तकनीकी सहयोग और ग्रामीण विकास विभाग की आजीविका आधारित कई योजनाओं ने जिले में पलायन पर अंकुश लगाने का भी काम किया है. खूंटी-तोरपा के किसान अब अन्य जिलों के लोगों के लिए प्रेरक बन गए हैं.