सात राज्यों में किसान आंदोलन की धमक

नई दिल्ली. एक जून से 10 जून तक मध्य प्रदेश और पंजाब समेत देश के 7 राज्यों में किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहेे हैं. जिसमें इस दौरान किसानों से अपील की गई कि वे हड़ताल के दौरान फल, फूल, सब्जी और अनाज को न ही बेचे और न ही खरीदें. राष्ट्रीय किसान महासंघ ने 130 संगठनों के साथ विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का ऐलान किया है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के भुगतान का वादे जल्द से जल्द पूरा हो सके इसलिए किसानों ने इस आंदोलन को चलाया है.

मुश्‍किलें बढ़ सकती हैं

किसान चाहते हैं कि स्वामीनाथन कमीशन के सुझाओं को लागू किया जाए. किसान चाहते हैं कि उनका कर्जा माफ समेत कई मांगे मानी जाए. किसानों के इतने लंबे हड़ताल से लोगों की मुश्‍किलें बढ़ सकती हैं. लोगों को अनाज, सब्जी, दूध वगैरह की कमी झेलनी पड़ सकती है.

40 हजार लीटर दूध बहाया

बीते शुक्रवार को पुणे के खेडशिवापुर टोल प्लाजा पर किसानों ने लगभग 40 हजार लीटर दूध बहा दिया. मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों ने दूध न बेच कर मंदिर जाकर भगवान का दूध अभिषेक किया. वहीं, झबुआ में धारा 144 लगा दी गई है. प्रशासन किसानों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है.

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उत्तर प्रदेश में आगरा में किसानों ने टोल पर कब्जा कर लिया और जमकर तोड़फोड़ की. वो अपनी गाड़ियों को मुफ्त में पास करवाना चाहते थे. पंजाब में किसानों का एक हिस्सा इस विरोध में शामिल हुआ. वहीं, चंडीगढ़ में कुछ किसानों ने आंदोलन के विपरित कई इलाकों में दूध सप्लाई किया. बता दें कि पिछले साल मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस ने गोलियां चला दीं थी जिसमें 6 किसानों की जान चली गई थी.