मंत्रिमंडल की पहली बैठक : किसानों को तीन हजार पेंशन और सम्मान निधि का दायरा बढ़ा

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प्रतीक चित्र

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर बनी सरकार के मंत्रिमंडल की पहली बैठक शुक्रवार को हुई. बैठक में सरकार ने किसानों, छोटे-मझौले व्यापारियों के लिए भाजपा के संकल्प पत्र में की गई घोषणा से संबंधित फैसले किए. बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, थावरचंद गहलोत और जितेन्द्र सिंह ने प्रेसवार्ता कर मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी.

मंत्रिमंडल के पहले फैसले की जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री थावर चंद गहलौत ने कहा कि अंतरिम बजट में की गई किसान सम्मान निधि योजना का दायरा बढ़ाया है. इसके तहत अब हर किसान ‘सम्मान निधि’ का अधिकारी होगा. हालांकि इस योजना से कुछ मानक तय किए गए हैं, जिससे किसान सालाना तीन किश्तों में छह हजार राशी पाने के अधिकारी नहीं होंगे. नई योजना से इसमें दो करोड़ किसानों की वृद्धि होगी, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 14.5 करोड़ हो जाएगी. पहली किश्त 3.11 करोड़ किसानों के खाते में सीधे पहुंच चुकी है और दूसरी किश्त 2.66 करोड़ किसानों को मिल चुकी है.

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मंत्रिमंडल ने अपने दूसरे फैसले में किसानों के लिए प्रतिमाह तीन हजार रुपये की पेंशन योजना की घोषणा की है. इससे 18 से 40 साल की उम्र के छोटे एवं मझौले किसान जुड़ सकते हैं. योजना के तहत किसान जितनी राशी देगा, उतनी ही सरकार भी राशी इसमें देगी. वहीं किसान की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को आधी पेंशन मिलती रहेगी, बशर्ते वह स्वयं इस पेंशन योजना का लाभ न ले रहे हों. वह किसान सम्मान निधी से भी इसकी नियमित किश्तें दे सकता है. पहले तीन सालों में इसमें पांच करोड़ किसान जोड़े जाएंगे.

आज सरकार ने भाजपा के संकल्प पत्र में घोषित छोटे दुकानदार और व्यापरियों के लिए पेंशन योजना की घोषणा की. इसके तहत 60 साल की उम्र पार करने के बाद इन छोटे दुकानदार और व्यापरियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी. यह योजना 1.5 करोड़ के कम टर्नओवर वाले दुकानदारों और व्यापारियों के लिए है. इसके लिए सामान्य सेवा केन्द्रों के जरिए खुद को इनरोल कराया जा सकता है, जिसके बाद सरकार व्यक्ति अनुसार सहयोग राशी तय करेगी.
वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मवेशियों को पांच साल में रोगमुक्त करने का लक्ष्य रखते हुए टीकाकरण मुहिम चलाई जाएगी. टीकाकरण योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी. 30 करोड़ गाय-भैंस और बैलों, 20 करोड़ भेड़-बकरियों और एक करोड़ सूअरों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है.