वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश कर रही हैं, देश का बहुप्रतीक्षित बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश कर रही हैं, देश का बहुप्रतीक्षित बजट - Panchayat Times

ऩई दिल्ली. देश का बहुप्रतीक्षित बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश कर रही हैं. बीते एक दशक की सबसे कमजोर ग्रोथ वाले साल में यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है. टैक्स दरों में कमी, किसानों के लिए राहत पैकेज, कारोबारी माहौल को अनुकूल बनाने समेत तमाम उम्मीदें उनके इस बजट से लगी हैं.

इससे पहले शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वे पेश किया था. सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 में आर्थिक विकास की दर को 6 से 6.5 पर्सेंट तक रहने का अनुमान जताया गया है. हालांकि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी से भी कम रहने का अनुमान है.

सर्वे में सबसे ज्यादा जोर एक्सपोर्ट सेक्टर के विस्तार पर दिया गया है. चीन के मॉडल से सबक लेते हुए दुनिया के अमीर देशों को टारगेट कर उत्पादन करने की बात कही गई है. इस तरह एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के विस्तार से 2025 तक 4 करोड़ और 2030 तक 8 करोड़ नौकरियों के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया गया है.

अब तक के बजट भाषण का सार

लोकसभा ओम बिरला ने उनको बजट पेश करने की मंजूरी देते हुए कहा कि दशक का पहला बजट पेश करने के लिए उनका अभिनंदन. पीली साड़ी पहनकर आई निर्मला सीतारमण ने भाषण की शुरुआत में लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की अगुवाई में मिली जीत का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि न यह प्रचंड जनादेश था बल्कि स्थाइत्व देने वाला है.

GST का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने अरुण जेटली को याद किया और कहा कि उनकी दूरदर्शिता के चलते GST लागू हुआ और इससे डरावना इंस्पेक्टर राज खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि बैंकिंग सिस्टम सुधार आया है जिससे बैंकों की हालत में सुधार हुआ है. अब तक 40 करोड़ का जीएसटी फाइल हो चुका है.

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की बुनियाज मजबूत है और 2014 से 2019 के बीच सरकारी कामकाज में बदलाव आया है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार महंगाई को काबू करने में कामयाब हुई है. बीते साल 16 लाख से ज्यादा नए करदाता जुड़े हैं. जीडीपी में हमारा कर्ज अनुपात घटा है.