हरियाणा गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए कानून बनाने वाला पहला प्रदेश : मनोहर

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फाइल फोटो-सीएम मनोहर लाल

करनाल. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में गौ संवर्धन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गौशालाओं को गऊ चरान की जमीन अब 15 साल की बजाय 33 साल के लिए पट्टे पर दी जाएगी. करनाल की श्रीकृष्ण कृपा गौशाला की कमेटी की मांग पर गौशाला के लिए बजीदा जाटान की पंचायत की जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी. श्रीकृष्ण कृपा गौशाला को मुख्यमंत्री ने अपने ऐच्छिक कोष से मदद देने की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शनिवार को देर शाम स्थानीय ओपीएस विद्या मंदिर श्रीकृष्ण कृपा गौशाला की ओर से आयोजित पांच दिवसीय दिव्य गीता सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आरती में भाग लिया. इसके साथ ही स्वामी ज्ञानानंद से आशीर्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा पहला प्रदेश है जहां सबसे पहले गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए कानून बनाया गया है. जिसकी सराहना दूसरे प्रदेशों में भी की जा रही है.

उन्होंने कहा कि गौ संवर्धन के लिए केवल सरकारों पर आधारित नहीं रहना चाहिए इसके लिए समाज के लोगों की भी भागीदारी जरूरी है. गीता एक ऐसा पवित्र ग्रंथ है जिसके एक शलोक को पढ़कर ही कर्म करने की प्रेरणा मिलती है, उन्होंने भी इस शलोक को आत्मसात किया और जीवन में कर्म करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि गीता का संदेश न केवल कुरूक्षेत्र व करनाल में ही नहीं बल्कि गांव-गांव में होना चाहिए. इसके लिए सरकार ने गीता के शलोकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मॉरिशिस में गीता जयंती का पर्व मनाया जाएगा.

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के मार्गदर्शन में कनाडा, इंग्लैंड व अन्य देशों के लोग भी अपने वहां गीता जयंती मनाने के लिए आतुर हैं. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें ऐसे पर्व को भूल गई थी हमने निर्णय लिया है कि धार्मिकता से नैतिकता को बढ़ावा मिलता है, नैतिकता समाज के बदलाव में अहम भूमिका रखती है. उन्होंने कहा कि गीता से संबंधित धार्मिक कार्य व संतों का सानिध्य हर समय मिलता रहना चाहिए इसमें आत्मिक शांति मिलती है.