नगर निगम शिमला बजट में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों पर किया गया फोकस

नगर निगम शिमला बजट में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों पर किया गया फोकस- Panchayat Times
प्रतीक चित्र

शिमला. नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 225 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट सदन में पेश किया. उन्होंने भाजपा शासित नगर निगम में पहली बार बजट पेश किया. पिछली बार पूर्व महापौर कुसूम सदरेट ने 297 करोड़ का बजट पेश किया था. पिछले साल की तुलना में यह बजट 72 करोड़ कम है. बजट को सदन में चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित भी कर दिया गया. बजट में न तो कोई राहत दी है और न ही कोई बोझ डाला है. बजट में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों पर विशेष फोकस किया गया है.

शिमला शहर की महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को माॅल रोड के आसपास बैठने के लिए स्थाना उपलब्ध करवाया जाएगा. स्मार्ट सिटी के तहत शहर के मुख्य स्थानों पर बने पार्कों को एडाॅन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा. इसमें पर्यटकों व लोगों को बैठने की सुविधा के साथ मोबाइल फोन चार्जिग, वाईफाई की सुविधा भी दी जाएगी. इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में छोटी वाहनों की पार्किंग बनाई जाएगी.उन्होंने शहर में स्मार्ट रास्ते बनाने का भी ऐलान किया.

28 परियोजनाओं पर काम होगा

महापौर सत्या कौंडल ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर के लिए तैयार की गई परियोजनाओं में से 28 परियोजनाओं पर काम होगा. इसके लिए जल्द टैंडर लगाए जाएंगे. इन परियोजनाओं में शहर में याताया कंजैशन सड़कों को चैड़ा करना, पार्किंग परिसरों का निर्माण एस्केलटरों का निर्माण, पैदल रास्तों का निमा्रण तथा कूडा उठाने के लिए वाहन उपलब्ध करवाने के कामों को जल्द शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शहर में स्मार्ट पाथ और प्रत्येक वार्ड में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. ये कार्य स्मार्ट मिशन के तहत पूरे होंगे. आईजीएमसी अस्पताल से संजौली चैक तक स्मार्ट कवर्ड पैदल मार्ग का 24 करोड़ की लागत से निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा आईजीएमसी में नए ब्लाॅक के साथ 32 करोड़ की लागत से बहुमंजिला पार्किंग बनाई जा रही है. इसमें 700 वाहनों को पार्क करने की सुविधा होगी. यह कार्य जल्द पीडब्यूडी विभाग जल्द शुरू करेगा.

बजट पेश करने के पश्चात पत्रकारों से बातचीच करते हुए महापौर सत्या कौंडल ने बताया कि बजट में सबका ख्याल रखा गया है. जनता की भलाई के अनुरूप बनाया गया है.

इस बीच भाजपा पार्षदों ने इस बजट को विकासोन्मुखी करार दिया. वहीं विपक्षी कांग्रेस पार्षदों तथा माकपा की एकमात्र पार्षद ने बजट का विरोध करते हुए इसे आधारहीन और कोरी कल्पनाओं पर आधारित बताया.