CM के इंतजार में 3 घंटे तक नहीं दिए बच्चों के शव, जो रात को सौंपे वह भी वापस मंगाए

बनखंडी (कांगड़ा). सोमवार को स्कूल बस हादसे में मारे गए 23 बच्चों के परिवारों को मंगलवार को करीब तीन घंटे तक शवों के लिए अस्पताल के बाहर बैठाकर रखा गया. बिलखते परिवारों को बताया गया कि सीएम जयराम ठाकुर के आने के बाद ही शव सौंपे जाएंगे. कुछ परिवार, जिन्हें रात को शव सौंपे गए थे, उनसे शव वापस मंगाए गए. यही नहीं, जिन तीन बच्चों की मौत पठानकोट के अस्पताल में हुई. उनके शव भी नूरपुर के अस्पताल में पहुंचाए गए.

 प्रशासन बना रहा लापरवाह

बच्चों को श्रद्धांजलि देने के नाम पर यहां मंच बनाया गया. पंडाल-माइक-स्पीकर आदि सारी व्यवस्था कर दी गई. लोगों को यह कहकर रोका गया कि सीएम फौरी राहत के चेक बांटेगे. 23 बच्चों समेत 27 मौतों के बाद प्रशासन कितना लापरवाह रहा, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रात को सवा 3 बजे जब पत्रकारों की टीम सिविल हॉस्पिटल में पहुंची तो सिर्फ दो नर्सें उन चार बच्चों की देखभाल में जुटी थी, जो हादसे में जिंदा बचे थे. लेकिन, सुबह दर्जनों सरकारी गाड़ियाें में भरे लोग सीएम के आने की तैयारियों में जुट गए.

सुबह 7:36 बजे सभी बच्चों, टीचर्स और ड्राइवर का पोस्टमार्टम हो गया था. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्‌डा सुबह 8:40 बजे गग्गल एयरपोर्ट पहुंचे. उन्हें वहां सीएम जयराम ठाकुर का इंतजार करना पड़ा. ठाकुर 9:40 बजे पहुंचे और 10:24 बजे दोनों नूरपुर हॉस्पिटल पहुंचे. ठाकुर मंडी के सर्किट हाउस से चले थे. वहां 8:03 बजे उन्होंने लोगों से मुलाकातें शुरू की. 9:15 बजे क्रिकेटर ऋषि धवन से भी मिले। 8:47 बजे सीएम पड्‌डल के लिए निकले.

वहां हेलिकॉप्टर इंतजार कर रहा था. इधर, नूरपुर में सुबह 6 बजे से ही बच्चों के परिवार अस्पताल के बाहर जुट गए थे. मौसम खराब था और हल्की बूंदाबांदी भी हो रही थी. इसलिए परिजन चाहते थे कि शव जल्दी उन्हें सौंपे जाए. लेकिन, अस्पताल में प्रशासन का कोई अफसर नहीं था. पोस्टमार्टम के दौरान एक-एक परिवार को मॉर्चरी में ले जाया गया, ताकि वह शिनाख्त कर सकें. डीसी संदीप कुमार कुछ अफसरों के साथ पहुंचे.

वह निर्देश दे रहे थे कि सीएम के आने पर शवों को कैसे निकाला जाना है. कौन क्या जिम्मेदारी देखेगा वगैरह-वगैरह. बच्चों की लाशों पर राजनीति के सवाल पर सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया. लेकिन, सीएम ठाकुर ने इतना जरूर कहा कि हादसे के कारणों की जांच चल रही है. दो दिन में एक बड़ी मीटिंग होगी, जिसमें स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर चर्चा करेंगे.

कॉमेंट करें

अपनी टिप्पणी यहाँ लिखें
अपना नाम यहाँ लिखें