लगातार बढ़ रहा है झारखंड में वनों का दायरा, राज्य में 32.5 प्रतिशत वन, 58 स्क्वायर किलोमीटर नए वन क्षेत्र की हुई पहचान

लगातार बढ़ रहा है झारखंड में वनों का दायरा, राज्य में 32.5 प्रतिशत वन, 58 स्क्वायर किलोमीटर नए वन क्षेत्र की हुई पहचान - Panchayat Times

रांची. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए झारखण्ड कैम्पा योजना की समीक्षा के दौरान कहा की हाथी मानव द्वंद को कम करने की दिशा में क्या कार्य हुआ है. हाथी तो फसलों और घरों व जान को नुकसान पहुंचा रहें हैं. विभाग के क्विक रेस्पॉन्स टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करना चाहिए.

जिससे हाथी-मानव संघर्ष को कम किया जा सके. हाथियों के कॉरिडोर को नुकसान पहुंचाया गया है. हाथी से प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा मिले यह सुनिश्चित करें. योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करें और पूरी जानकारी दें.

चेक डैम की स्थिति का जायजा लें, गर्मी में कारगर नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा निर्मित चेक डैम का जायजा लें. गर्मी के दिनों पानी क्यों समाप्त हो जाता है. इसपर कार्य करें. पंचायत स्तर पर वन भूमि को चिन्हित करें. वन भूमि का संरक्षण जरूरी है. चिन्हित जगह पर वन भूमि की जानकारी देते हुए सूचना पट्ट लगाएं, जिससे अतिक्रमण न हो.

कैम्पा मदर के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020- 21 के लिए निम्न प्रस्ताव रखे गए

प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020 -21 में 4 532 हेक्टेयर में ब्लॉक वृक्षारोपण का अग्रिम कार्य, 3862 हेक्टर में समापन कार्य तथा सिल्वीकल्चर ऑपरेशन कार्य,वनकर्मियों के लिए आवास निर्माण, वनों एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए ग्राम वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों की सहायता, वन सीमा स्तंभों का निर्माणए वन्यजीव पर्यावास का विकास.

कुल 390 चेक डैम निर्माण से वन भूमि के आसपास के क्षेत्रों में जल संरक्षण में वन्य प्राणियों को पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता, वन्य प्राणियों के पर्यावास में सुधार के तहत वनों का सघनीकरण कार्य, खरपतवार उन्मूलन तथा बांस वृक्षारोपण आदि कार्य.

मानव वन्य प्राणी संघर्ष निराकरण के तहत वन्य प्राणियों से सुरक्षा के लिए स्थानीय वासियों को नियोजित कर सहयोग, मानव वन्य प्राणी द्वंद से निपटने के लिए थे क्विक रिस्पांस टीम का गठन, पलामू टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों के प्राकृतिक संरक्षण के दृष्टिकोण से परियोजना में अवस्थित गांवों का प्रस्तावित स्वैच्छिक पुनर्स्थापन योजना के अंतर्गत लगभग 60 लाख मानव दिवस का सृजन.

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ए पी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कैम्पा संजय श्रीवास्तव उपस्थित थें.