गौतम गंभीर ने शुरू की भाजपा संग राजनीतिक पारी

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हो गए. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रभावित हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि “क्रिकेट के माध्यम से जितना हो सका उतना मैंने देश की सेवा की ,अब राजनीति के माध्यम से देश की जनता की और सेवा करना चाहता हूं.” इससे पहले गौतम गंभीर हमेशा राष्टवाद के मुद्दे पर मुखर रहे हैं. उन्होंने कई बार अपनी ट्विट के माध्यम से बीजेपी में जाने के संकेत देते रहे. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि उनको नई दिल्ली से टिकट दिया जा सकता है. वहीं बीजेपी की तरफ से ऐसा बयान अब तक नहीं आया है.

गौतम गंभीर का क्रिकेट करियर बहुत शानदार रहा है. दोनों विश्व कप जिताने में उनका अहम योगदान माना जाता है. गंभीर ने 2007 में टी-20 विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 75 रनों की पारी खेली थी. वहीं, 2011 के वनडे विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 97 रन मारे थे. उन्होंने भारत की तरफ से 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी-20 मैच में खेला है. उन्होंने आईपीएल में केकेआर और दिल्ली टीम का प्रतिनिधित्व किया. गंभीर का विवादों से भी नाता रहा है. आईपीएल 2013 के सीजन में कोहली के साथ उनकी झरप हो गयी थी. गंभीर के भारतीय टीम से बाहर होने के पीछे इस घटना को भी एक प्रमुख कारण माना जाता है.

साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत दौरे पर आई थी. चार टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेला जा रहा था. इस मैच में गौतम गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था. अपनी बल्लेबाजी के दौरान शेन वॉटसन और गंभीर के बीच गरमा-गर्मी बढ़ गई थी. बात इतनी बढ़ गई कि गंभीर ने रन दौड़ते हुए वॉटसन के पेट में कोहनी मार दी थी. साल 2010 में हुए एशिया कप टूर्नामेंट में टीम इंडिया और पाकिस्तान आमने-सामने थी. इस मैच में गंभीर ने 83 रनों की पारी खेली थी. इस दौरान उनकी पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल से बहस हुई और दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया. इसके बाद कप्तान एमएस धोनी ने उन्हें रोका. अब देखना होगा कि गौतम गंभीर का राजनीतिक करियर कैसा रहता है.