मंडी लोकसभा सीट पर पूर्व मंत्री पंडित सुखराम ने जताई दावेदारी

मंडी लोकसभा सीट पर पूर्व मंत्री पं.सुखराम ने जताई दावेदारी
प. सुखराम

मंडी. मिशन 2019 के लिए सियासी दलों में अभी रणनीति बनाने की कवायद जारी है. ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम ने मंडी लोकसभा सीट से दावेदारी भी जता दी है. पंडित सुखराम का कहना है कि अगर पार्टी चाहेगी तो उनके परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव लड़ सकता है. सुखराम पूर्व में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर संसद में पहुंचे थे. राजीव गांधी और नरसिम्हा राव के मंत्रीमंडल में खाद्य आपूर्ति, रक्षा, योजना और संचार मंत्री के रूप में अपनी सियासी पहचान भी बनाई थी.

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से छत्तीस का आंकड़ा होने की वजह से मंडी से मुख्यमंत्री की दौड़ में भी रहे. मगर उसके बाद कांग्रेस से निकाले जाने के बाद हिमाचल विकास कांग्रेस के नाम से अलग सियासी दल बनाकर पहली बार प्रदेश में गठबंधन की सरकार बना डाली.

हिविंका का कांग्रेस में विलय के बाद भी वीरभद्र सिंह से मतभेदों के चलते पिछले विधानसभा चुनाव से पूर्व परिवार सहित भाजपा में शामिल हो गए. वर्तमान में पं. सुखराम के बेटे अनिल शर्मा प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं. पं. सुखराम स्वयं अदालती झमेलों के चलते सक्रिय राजनीति को अलविदा कह चुके हैं. इसके बावजूद अपने पोते आश्रय शर्मा को सक्रिय राजनीति में लाने की चाह उनके मन में है. जिस तरह से साल 1993 में अपने बेटे अनिल शर्मा को मंडी सदर से चुनाव मैदान में उतार कर न केवल विजयी बनवाया बल्कि केंद्र में अपने प्रभाव के चलते मंत्री पद भी दिलवाया था. उसी प्रकार अब अपने पोते को भी सुखराम राजनीति में लाकर स्थापित करने की कोशिश में हैं.

पंडित सुखराम ने दिल्ली से दूरभाष पर कहा कि उन्होंने बहुत सोच विचार कर भाजपा में जाने का निर्णय लिया है और मोदी का हाथ पकड़ा है. उनके परिवार के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस को चुनाव में भारी नुकसान हुआ है. सुखराम ने कहा कि मंडी जिला में पहली बार भाजपा को दस में से नौ सीटें मिली है. उन्होंने अपने विश्वास की छाप छोड़ी है. अगर पार्टी हाई कमान चाहेगी तो लोकसभा चुनाव में चारों सीटों पर भाजपा के पक्ष में प्रचार करूंगा. वहीं पर मंडी से भी अगर पार्टी चाहेगी तो मेरे परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव लड़कर भारी मतों से इस सीट को जीत सकता है.

उन्होंने कहा कि मंडी सदर विधानसभा सीट से 13 चुनाव उन्होंने और चार चुनाव उनके बेटे अनिल शर्मा ने जीते हैं. सुखराम ने कहा कि अनिल शर्मा ने सदर विधानसभा क्षेत्र में परिवर्तन लाया है. अब वह मंडी संसदीय क्षेत्र को एक तोहफा देना चाहते हैं.