देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम, 126 साल बाद आया है खास योग

देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम, 126 साल बाद आया है खास योग-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम है. हर मंदिर और घर में भगवान गणेश का ही मंत्र गूंज रहा है. दिल्ली के मंदिर भी गणेश पूजन के लिए सज गए हैं. दक्षिणी दिल्ली के हौजखास, कालकाजी, ग्रेटर कैलाश, फ्रेंड्स कॉलोनी, बदरपुर समेत अनेकों कॉलोनियों के मंदिरों में भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की गयी हैं.

पंडित भीमदत्त शर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के डर से मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में गिरावट आयी है. कोरोना के डर से मंदिर आने वाले भक्तगण प्रसाद आदि न तो चढ़ा पा रहे हैं, न ही ग्रहण कर पा रहे हैं. हालांकि भगवान के प्रति भक्तों के समर्पण में कोई कमी नहीं है. वह ऑनलाइन दर्शन कर रहे हैं. विभिन्न मंदिर प्रबंधन ने ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की है. लोग अपने घरों में भी भगवान गणेश प्रतिमा की स्थापना कर रहे हैं और पूजा-पाठ कर रहे है. इस वर्ष गणेश चतुर्थी ऐसे समय में मनाई जा रही है जब सूर्य सिंह राशि में और मंगल मेष राशि में स्थित हैं. सूर्य और मंगल का यह योग 126 साल बाद बन रहा है. यह योग विभिन्न राशियों के लिए अत्यंत फल देने वाला है.

बदरपुर स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित रामखिलावन ने बताया कि किस प्रकार लोग पूरे विधि-विधान से परिवार के साथ घर पर गणेश की स्थापना एवं पूजा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें. दीपक जलाकर पूजा प्रारम्भ करें और धूप बत्ती जलाएं. तत्पश्चात् प्राथना करें कि हे गणेश जी! कृपया पधारें और पूजा ग्रहण करें. सबसे पहले पानी के छीटों से गणेश जी को स्नान कराएं. इसके बाद एक मौली का टुकड़ा वस्त्र के प्रतीक के रूप में पहनाएं और मस्तक पर रोली का तिलक लगाए.

पंडित रामखिलावन ने कहा कि इसके बाद पंचोपचार पूजा प्राम्भ करें. सबसे पहले गणेश जी को दीपक दिखाएं. इसके बाद धूप दिखाएं और सिंदूर अछत से तिलक करें. तत्पश्चात् लड्डुओं (मोदक) का भोग लगाएं. इसके बाद पीने के लिए गंगाजल या जल का लोटा रखें. इत्र आदि का छिड़काव करने के बाद भगवान को फूलों की माला पहनाएं और फूल चढ़ाएं. इसके बाद ऊँ गणपते नमः मंत्र का 108 बार जप करें. अंत में आरती करें और प्रसाद वितरण करें.