गरियाबंद

गरियाबंद- 1 जनवरी 2012 को अस्तित्व में आया गरियाबंद जिले 5 हजार 822.861 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है. यह जिला प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है. उत्तर में पैरी एवं सोढ़ूर नदी यहां से प्रवाहित होती है तथा राजिम में मिलकर त्रिवेणी संगम बनाती है. उड़ीसा राज्य की सीमा का निर्माण करते हुए तेल नदी प्रवाहित होती है.  जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल राजिम जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयागराज भी कहा जाता है, में हर साल माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है. यह जिला पांच तहसीलों का भौगोलिक क्षेत्रफल क्रमशः गरियाबंद तहसील क्षेत्रफल – 72 6.12 वर्ग किलोमीटर, छुरा तहसील क्षेत्रफल – 714.62 वर्गकिलोमीटर , मैनपुर तहसील क्षेत्रफल – 670.52 वर्गकिलोमीटर, देवभोग तहसील क्षेत्रफल – 301.53 वर्गकिलोमीटर एवं राजिम तहसील जिसका क्षेत्रफल – 474.27 वर्ग किलोमीटर है, में विभाजित है. जिले में इतने ही विकासखण्ड फिंगेश्वर, गरियाबंद, छुरा, मैनपुर एवं देवभोग है। इनमें से गरियाबंद, छुरा एवं मैनपुर आदिवासी बाहुल्य विकासखण्ड है.  जिले में चार नगरीय निकाय है, जिसमें से एक नगर पालिका गरियाबंद एवं तीन नगर पंचायत राजिम, छुरा एवं फिंगेश्वर हैं.

गरियाबंद