हरियाणा की जेलों में बनाई जाएंगी गौशालाएं: भानीराम मंगला

हरियाणा की जेलों में बनाई जाएगी गौशालाएं: मंगला-Panchayat Times
प्रतीक चित्र

पानीपत. पानीपत के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा कि हरियाणा की बड़े रकबे की जेलों में गौशालाएं बनाई जाएंगी. इस योजना पर करनाल जेल में काम शुरू हो चुका है.

हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने कहा कि गाय, गंगा, गीता और गायत्री भारतीय संस्कृति का मूल आधार है. विश्व के सभी धर्मों में गाय को सम्मानित स्थान दिया गया है. लेकिन समाज के कुछ स्वार्थी लोग वृद्ध गायों और बछड़ों को सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं. ऐसे सभी गौ वंश को संरक्षण देने के लिए आयोग की ओर से 31 दिसंबर तक 11 करोड़ रुपए की राशि अनुदान के रूप में वितरित कर दी जाएगी.

इस कड़ी में पानीपत की गौशालाओं को भी 1 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की जाएगी और जरूरत के अनुसार मार्च में फिर गौशालाओं को अनुदान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल आधार है. देश की 70 प्रतिशत व्यक्ति इन्हीं क्षेत्रो में रोजगार पाते है. हरियाणा सरकार ने गौशालाओं को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और आधुनिककरण के लिए 45 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है. ताकि सभी गौशालाओं में मुख्यमंत्री गौशाला जगमग योजना को लागू किया जा सके. इसके अलावा इस राशि से सभी गौशालाओं का आधुनिककरण किया जाएगा और हरियाणा प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा. जहां सभी गौशालाओं और नंदीशालाओं की बिजली की आपूर्ति सौर उर्जा के माध्यम से की जाएगी.

गौशाला में 600 गाय रखी जाएंगी

प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस योजना के तहत पिछले दिनों करनाल जेल में गौशाला के लिए आधारशीला रख दी है और यह गौशाला 31 मार्च से पूर्व बनकर तैयार हो जाएगी. इस गौशाला में 600 गाय रखी जाएंगी. जिनमें से 400 गाय दुधारू नस्ल की होंगी. इनके दूध को जेल में प्रयोग में लाया जाएगा और आधुनिक तकनीक से बायो गैस भी बनाया जाएगा. जिससे जेल का खाना तैयार किया जाएगा और जैविक खाद को जेल के कृषि फार्म में प्रयोग में लाया जाएगा और गौ मूत्र को फिल्टर करके गौअर्क व अन्य कार्यों में प्रयोग में लाया जाएगा. इसके अलावा प्रदेश के 6 जिलों में नई गौशालाएं खोली जाएंगी.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 90 प्रतिशत अनुदान पर गौशालाओं को 30 ऐसी मशीनें दी गई है जो गोबर से डंडे तैयार करेगी. इन डंडों को प्रथम चरण में शमशान घाट पर भेजा जाएगा. अधिक उत्पादन होने पर उद्योगों को देने की भी व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा गुरुग्राम में गाय के गोबर से सीएनजी गैस बनाने का प्लांट भी लगाया जा रहा है.