अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से दुनिया तक पहुंचा संदेश: मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्व को गीता का संदेश...

कुरुक्षेत्र. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्व को गीता का संदेश देने में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव अपनी सार्थक भूमिका निभा रहा है. इसलिए राज्य सरकार की तरफ से पिछले तीन सालों से लगातार इस महोत्सव को बड़े से बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है और अभी हाल में ही फरवरी माह में मॉरीशिस में इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंगलवार देर सायं अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मेले क्षेत्र के मुख्य पांडाल में गीता महोत्सव 2018 के सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन समारोह में बोल रहे थे. इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डॉ. पवन सैनी, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर ने दीपशिखा प्रज्ज्वलित करके विधिवत रुप से सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया. इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रसिद्घ गायक पदमश्री कैलाश खेर, वृंदावन रासलीला गीता ऑन व्हील के कलाकार सुभ्रा गहलोत्रा को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता के कर्म के सिद्धांत को राजनेताओं को भी अपनी कर्म की पद्धति में अपनाना चाहिए और मनुष्य निर्माण में हर किसी व्यक्ति को गीता के सार का अनुसरण करना चाहिए, चाहे वह विद्यार्थी हो, अध्यापक हो, किसान हो, व्यापारी हो या सैनिक हो, तभी हम तनावमुक्त जीवन जी सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र को भव्य रूप दिया जाएगा और केन्द्र सरकार से कृष्णा सर्किट के रूप में प्राप्त हुए लगभग 100 करोड़ रुपए के अनुदान को ब्रह्मसरोवर और ज्योतिसर के जीर्णोद्धार पर खर्च किया जाएगा. इस वर्ष न केवल हरियाणा बल्कि देश और दुनिया से लाखों की संख्या में धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र पंहुचकर गीता के सार का संदेश लिया है. उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव के दौरान गीता मनीषियों, आचार्यों, धर्मगुरुओं ने आधुनिक युग में मनुष्य के एकांकी जीवन से उभारना और उसे मन मष्तिक से तनावमुक्त करने और शांति, सुख और आनन्द के रास्ते पर जीने का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि गीता के हर श्लोक में दार्शनिक ज्ञान का भाव हमें मिलता है और सामूहिक प्रयासों से हम मानव को तनावमुक्त जीने का रास्ता दिखा सकते हैं. उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्र से हर व्यक्ति संस्कार लेकर जाएगा और जो मनुष्य निर्माण में कारगर सिद्ध होगा.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्व को गीता का संदेश...

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य को कर्म के सिद्धांत पर चलते हुए अपना कार्य करना चाहिए, फल की चिंता नही करनी चाहिए, यही गीता का सार है. कर्मण्यवाधिकारस्ते माँ फले सु कदाचन ने हमें यही संदेश देता है. उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अच्छा जीवन जीने का संकल्प यहां से लेना चाहिए. गीता मनीषी ज्ञानानन्द जी महाराज ने गीता ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता विराट है. इस पवित्र ग्रंथ गीता के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के उदेश्य से ही राज्य सरकार की तरफ से गीता जयंती को अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के रुप में मनाया जा रहा है. इस अवसर पर गीता जयंती महोत्सव के प्रभारी हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, विधायक पवन सैनी, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, सौरव चौधरी, उपेन्द्र सिंघल, डॉ. मधुदीप, विजय नरुला, रविन्द्र सांगवान, भाजपा के जिला अध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, उपायुक्त एस.एस. फुलिया, पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति के.सी. शर्मा, केडीबी के सीईओ संयम गर्ग के अलावा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विश्व को गीता का संदेश...

रांझा-रांझा करदी नी… के गीत पर झूम उठे दर्शक

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाने के लिए जहां प्रसिद्घ गायक पदमश्री कैलाश खेर के गीतो ने समां बांधा, वहीं वृंदावन रासलीला गीता ऑन व्हील की प्रस्तुती ने सबको आश्चर्य चकित कर दिया. इन कलाकारों ने साबित कर दिया कि दिव्यांगता किसी भी कलाकार को आगे बढ़ने के लिए बाधक नहीं है. इस प्रस्तुती के बाद सुभ्रा गहलोत्रा के डांस ड्रामा ने भी दर्शकों की खुब वाहवाही लुटी और जैसे ही मंच पर पदमश्री कैलाश खेर पहुंचे तो पांडाल में बैठे हजारों दर्शकों ने सीट पर खड़े होकर और तालियां बजाकर स्वागत किया.

इस पांडाल को दर्शकों से खचाखच भरा देखकर पदमश्री कैलाश खेर ने भी अपनी चिर-परिचित शैली में गायन शुरु किया. इस कलाकार ने रांझा-रांझा करदी ने में जाना ही मैं जाना है…, रब इश्क ना होए… और जाना में जोगी दे नाल आदि अनेकों बेहतरीन गीतों की प्रस्तुती देकर कुरुक्षेत्र के दर्शकों पर अपनी अनूठी छाप छोड़ने का काम किया.