नई दिल्ली. वैश्विक क्रूड तेल की कीमतें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा के बाद भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रही हैं। इस समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से नौवहन बहाल करने का वादा भी शामिल है। इंट्राडे ट्रेडिंग में, WTI क्रूड 91.11 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 91.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड वर्तमान में 94.77 डॉलर प्रति बैरल पर 13.3% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। WTI क्रूड 96.16 डॉलर प्रति बैरल पर 14.9% कम हो गया है।
भू-राजनीतिक कारण
ईरान और अमेरिका के बीच हाल के तनाव ने तेल बाजार में अस्थिरता पैदा की थी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, बंद होने या अस्थिर होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। युद्धविराम की घोषणा से निवेशकों में भरोसा बढ़ा और तेल की कीमतों में अचानक गिरावट आई।
बाजार और निवेशकों पर असर
इस गिरावट के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल निवेशकों में हड़बड़ी और कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया।
तेल निर्यातक देशों के राजस्व पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे तेल आयातक देशों को इस समय ईंधन आयात सस्ता पड़ सकता है, जिससे घरेलू पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर सकारात्मक असर हो सकता है।
WTI और ब्रेंट क्रूड के दामों में इतना बड़ा गिराव असामान्य है, यह संकेत देता है कि भू-राजनीतिक घटनाओं का तेल बाजार पर सीधा प्रभाव पड़ता है। निवेशक और आर्थिक विशेषज्ञ अब अगले हफ्तों में तेल बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्धविराम स्थायी रहा और मध्य पूर्व में स्थिरता आई, तो तेल कीमतों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है।
