अच्छी बुआई और मानसून सीजन के दौरान ज्यादा बारिश से देश में करीब 29.19 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन की उम्मीद

अच्छी बुआई और मानसून सीजन के दौरान हुई बारिश से देश में करीब 29.19 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन की उम्मीद - Panchayat Times

नई दिल्ली/रांची. ज्यादा बुआई और मानसून सीजन के दौरान औसत से 10 फीसदी अधिक हुई बारिश ने खरीफ समेत रबी फसलों की बंपर पैदावार की आस जगा दी है. कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग के द्वारा बीते मंगलवार को जारी फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार, देश में इस साल करीब 29.19 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन की उम्मीद है, जोकि पिछले साल के मुकाबले 67.4 लाख टन अधिक है.

गेहूं

वहीं, गेहूं का उत्पादन इस साल रिकॉर्ड 10.62 करोड़ टन होने की उम्मीद है, जोकि पिछले साल से 26.1 लाख टन अधिक है. गेहूं का उत्पादन पिछले पांच साल के औसत 9.46 करोड़ टन से इस साल 1.16 करोड़ टन अधिक होने वाला है.

दाल

वर्ष 2019-20 में दालों का कुल उत्‍पादन 23.02 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो पिछले पांच वर्षों के 20.26 मिलियन टन के औसत उत्‍पादन से 2.76 मिलियन टन अधिक है.

कपास

कपास का उत्‍पादन 3.49 करोड़ गांठ (प्रत्‍येक 170 किलोग्राम की) होने का अनुमान है, जो 2018-19 के 2.84 करोड़ गांठ से 68.5 लाख गांठ अधिक है. जूट और मेस्‍ता का उत्‍पादन 98.1 लाख गांठ (प्रत्‍येक 180 किलोग्राम की) होने का अनुमान है.

क्या है अन्य फसलों की स्थिती –

  • खाद्यान्न – 291.95 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
  • चावल – 117-47 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
  • गेहूं – 106.21 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
  • पोषक/मोटा अनाज – 45.24 मिलियन टन
  • ज्वार – 28.08 मिलियन टन
  • दालें – 23.02 मिलियन टन
  • तूर – 3.69 मिलियन टन
  • चना – 11.22 मिलियन टन
  • तिलहन – 34.19 मिलियन टन
  • सोयाबीन – 13.63 मिलियन टन
  • रेपसिड और सरसों – 9.11 मिलियन टन
  • मूंगफली – 8.24 मिलियन टन
  • कपास – 34.89 मिलियन गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम)
  • जूट और मेस्टा – 9.81 मिलियन गांठ (प्रत्येक 180 किलोग्राम)
  • गन्ना – 353.85 मिलियन टन