कोरोना जैसी आपदा पर सोई है झारखंड सरकार : जयंत सिन्हा

हजारीबाग. कोरोना वायरस ने विश्व स्तर पर संकट का बादल घिरा दिया है. कई देशों में यह राष्ट्रीय आपातकाल के रूप में घोषित किया गया है. भारत में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे आपातकाल के रूप में लिया है. ऐसे गंभीर विषय पर झारखंड सरकार अभी तक सोई हुई है. यह बात रविवार को रामगढ़ में हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कोरोना वायरस से झारखंड की जनता को बचाने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाए. जयंत सिन्हा ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति में 5 से 6 दिन के बाद सारे लक्षण एक साथ दिखाई देते हैं. झारखंड में जल्द ही यह आपदा भीषण रूप लेकर आने वाली है. अगर अभी से ही हम नहीं चेते, तो झारखंडवासियों की जान खतरे में पड़ सकती है.

उन्होंने कहा कि इस विषय पर मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रार्थना करता हूं, कि वे तत्काल पूरे प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और सिनेमा हॉल को बंद कर दें. साथ ही वैसे सभी स्थानों को प्रतिबंधित करें जहां भीड़ इकट्ठा होती है. इसके अलावा हमारे अस्पतालों में वेंटिलेटर बेड और आईसीयू की पर्याप्त व्यवस्था अभी सही कर ले नहीं होगी. क्योंकि जब यह आपदा झारखंड में आएगी, तब हमारे पास यह सब करने का वक्त नहीं रहेगा. अभी कई राज्यों ने इसे आपातकालीन तौर पर लिया है और 31 मार्च तक सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया है.

जयंत सिन्हा ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह करता हूं कि वे टीवी, रेडियो और इंटरनेट पर खुलकर सामने आए और लोगों को इस आपदा से सचेत होने के लिए अपील करें.