शुक्रवार को आधी रात को करीब 12 बजे से पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर लागू हो गया है. इस सेवा को लागू करने के लिए संसद के सेंट्रल हॉल में विशेष सत्र का आयोजन किया गया. इस सेवा का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणब मुख़र्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेल बजाकर किया. इस कार्यक्रम में तमाम गणमान्य मौजूद थे. कार्यक्रम की शुरुआत वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने संबोधन से किया और कहा कि आज देश में एक नई यात्रा की शुरुआत हुई है. वहीं उन्होंने कहा कि इस कर के लागू होने के बाद केंद्र और राज्य एक साथ मिलकर काम करेंगे और एक राष्ट्र एवं टैक्स हमारा उद्देश्य है. जीएसटी से एक नये भारत का निर्माण होगा.
वित्त मंत्री अरुण जेटली के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित करते हुए बोले कि आज 125 करोड़ देशवासी इस ऐतिहासिक घटना की साक्षी हैं. आज वर्षों बाद हम एक नई अर्थव्यवस्था के लिए इकठ्ठा हुए हैं. एक लम्बी प्रक्रिया के बाद जीएसटी को बड़े सोच समझकर पूरे देश में लागू किया जा रहा है. इससे पूरे देश को लाभ मिलेगा. यह गुड उन्होंने कहा कि यह महज संयोग है कि गीता में भी 18 अध्याय हैं और जीएसटी कौंसिल की मीटिंग भी 18 बार हुई. आज देश में एक ‘एक देश,एक टैक्स’ का सपना पूरा हुआ है. इस कर सेवा के लागू होने से आर्थिक एकीकरण का काम भी होगा और पिछड़े राज्यों को अवसर तलाशने में मदद भी मिलेगी.