हरियाणा की सभी पंचायतों के सभी घरों में 1 नवंबर 2022 तक पहुंच जायेगा नल से जल, वहीं उड़ीसा में 2024 तक पूरा हो पायेगा लक्ष्य, अभी उड़ीसा के 27.15 जबकि हरियाणा के 86.8 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है नल से पानी

हरियाणा की सभी पंचायतों के सभी घरों में 1 नवंबर 2022 तक पहुंच जायेगा नल से जल, वहीं उड़ीसा में 2024 तक पूरा हो पायेगा लक्ष्य, अभी उड़ीसा के 27.15 जबकि हरियाणा के 86.8 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है नल से पानी - Panchayat Times
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नई दिल्ली. हरियाणा और ओडिशा ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अपनी-अपनी जल जीवन मिशन वार्षिक कार्य योजना को 13 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश किया जिसमें उन्होंने अपनी कार्य योजना को विस्तार से बताया. इसके साथ-साथ इन राज्यों में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को घरेलू नल से पानी का कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए परिपूर्ण योजना के बारे में प्रस्तुति दी.

हरियाणा ने 1 नवंबर 2022 तक जल जीवन मिशन का लक्ष्य हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

हरियाणा ने 1 नवंबर 2022 यानी हरियाणा दिवस तक जल जीवन मिशन का लक्ष्य हासिल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो कि राष्ट्रीय समय सीमा से बहुत पहले है. ओडिशा की 2024 तक 100 प्रतिशत घरों को नल से पानी का कनेक्शन प्रदान करने की योजना है.

राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों की वार्षिक कार्य योजना बनाने को कहा गया है

जल जीवन मिशन के तहत राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों की वार्षिक कार्य योजना बनाने की इस महीने की कवायद, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों / विभागों और नीति आयोग के सदस्यों के साथ डीडीडब्ल्यूएस के सचिव की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा कठिन जांच करने के लिए की गई है.

हरियाणा में 31.03 लाख ग्रामीण परिवार जिनमें से 26.93 लाख को मिल चुके है कनेक्शन

हरियाणा में 31.03 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 26.93 लाख (86.8 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों को 31 मार्च, 2021 तक नल से पानी के कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं. वर्ष 2021-22 में, राज्य में 4.09 लाख नल से पानी के कनेक्शन प्रदान करने की योजना है.

जल जीवन मिशन के तहत पानी की गुणवत्ता की निगरानी और निरीक्षण पर बहुत जोर

जल जीवन मिशन के तहत पानी की गुणवत्ता की निगरानी और निरीक्षण पर बहुत जोर देता है. यह अनिवार्य है कि प्रत्येक गांव में 5 व्यक्तियों विशेषकर महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि गांवों में पानी की जांच की जा सके.

ग्रामीण घरों में नल से पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना

ज्ञात हो कि जल जीवन मिशन के लिए 2021-22 में 50,011 करोड़ रुपए का बजटीय आवंटन किया गया है. 2021-22 में, ग्रामीण घरों में नल से पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए देश में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा.

क्या है ओडिशा की स्थिति

ओडिशा में 85.66 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 23.25 लाख घरों में अभी तक नल से पानी के कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं यानी ओडिशा में 27.15% ग्रामीण आबादी को नलों के जरिए पानी प्राप्त होता है.

ओडिशा में 27.15% ग्रामीण आबादी को हि नलों के जरिए मिलता है पानी

जल जीवन मिशन जब 15 अगस्त 2019 को शुरू हुआ, तो ओडिशा में केवल 3.63% लोगों के पास ही नल से पानी का कनेक्शन था. पिछले डेढ़ साल में, जल जीवन मिशन ने 20.15 लाख ग्रामीण घरों में नल से पानी के कनेक्शन से सुरक्षित पीने का पानी सुनिश्चित किया है.

ओडिशा के 2,996 गांवों में हर घर को पीने के लिए सुरक्षित पानी मिल रहा है. ओडिशा ने अपनी 57 पंचायतों को हर घर नल से पानी के रूप में घोषित किया है; जिसका अर्थ है कि इन पंचायतों के सभी घरों में पाइप से पानी का कनेक्शन दिया गया है.

2021-22 में, ओडिशा के 29,749 स्कूलों और 43,727 आंगनबाड़ी केंद्र में पाइप से पानी की आपूर्ति प्रदान करने की योजना

वर्ष 2021-22 में, ओडिशा ने 29,749 स्कूलों और 43,727 आंगनबाड़ी केंद्र में पाइप से पानी की आपूर्ति प्रदान करने की योजना बनाई है, जिससे सभी स्कूलों, आश्रम शालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में पीने, खाना पकाने, मध्याह्न भोजन पकाने, शौचालय में हाथ धोने के उपयोग के लिए 100% नल के कनेक्शन से पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित होता है.

100 प्रतिशत घरेलू नल से पानी के चालू कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए लक्ष्य वर्ष के रूप में 2023-24 निर्धारित

ओडिशा ने प्रत्येक ग्रामीण घर में 100 प्रतिशत घरेलू नल से पानी के चालू कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए लक्ष्य वर्ष के रूप में 2023-24 निर्धारित किया है. अब तक, राज्य ने प्रशिक्षण के लिए भारी निवेश किया है.

पंचायत स्तर पर प्रदान की जा रही हैं फिल्ड टेस्टिंग किट

ओडिशा के 4.64 लाख स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को राज्य भर में पेयपानी स्रोतों की पानी गुणवत्ता निगरानी-स्वच्छता निरीक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया. यह पानी स्रोत (जहां से पानी आ रहा है) और अंतिम बिंदु (जहां पानी पहुंच रहा है) का परीक्षण करने के लिए एक महत्वपूर्ण निगरानी तंत्र है.

ओडिशा में फील्ड टेस्टिंग किट पंचायत स्तर पर प्रदान की जा रही हैं और सुधारात्मक उपाय करने के लिए पानी की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए विशेष रूप से मानसून से पहले और बाद के समय के दौरान अक्सर परीक्षण करने के लिए गठित उप-समिति को सौंप दिए जाते हैं.