हरियाणा पुलिस ने तीन दर्जन जाट नेताओं को किया नजरबंद

जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक... - Panchayat Times
प्रतीक चित्र, फाइल फोटो

चंडीगढ़. आरक्षण सहित समिति की विभिन्न मांगें न माने जाने से नाराज होकर पिछले दिनों जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक व समिति से जुड़े अन्य लोगों द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित सरकार के जाट मंत्रियों के कार्यक्रम के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध करने की चेतावनी दिए जाने के बाद समिति से जुड़े जाट नेताओं को पुलिस ने नजरबंद करना शुरू कर दिया है.

रविवार को झज्जर के साल्हावास क्षेत्र में सीएम मनोहर लाल खट्टर का कार्यक्रम है. लेकिन इससे पहले कि अपनी चेतावनी स्वरूप समिति से जुड़े जाट नेता कार्यक्रम में पहुंच कर विरोध करते उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया. हांलाकि अधिकारिक रूप से इस बात की किसी ने पुष्टि नहीं की है,लेकिन जहां इन जाट नेताओं को नजरबंद किया गया है वहां पुलिस का कड़ा पहरा है और किसी को भी नजरबंद किए गए इन जाट नेताओं से मिलने नहीं दिया जा रहा है. हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है. इन जाट नेताओं को नजरबंद किए जाने के बाद कोई विरोध न हो इसके लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई है.

पूरे मामले को संभालने के लिए स्थानीय नायब तहसीलदार जगबीर को ड्यूटी मेजिस्ट्रेट लगाया गया है. यहां बता दें कि पिछले दिनों बेरी में आयोजित भाईचारा सम्मेलन में आए समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने समिति की मांगें न माने जाने से नाराज होकर सीएम व सरकार के जाट मंत्रियोंं के कार्यक्रमों का विरोध करने व कार्यक्रम के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए जाने की बात कही थी. बाद में यहां छोटूराम धर्मशाला में हुई जाट समिति की जिला स्तरीय बैठक में भी अध्यक्ष जितेन्द्र उर्फ बबला ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश का पालन करने व सीएम और जाट मंत्रियों का विरोध करने की चेतावनी दी थी. इसी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को अल सुबह ही समिति के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सहित करीब 19 लोगों को पुलिस द्वारा काबू कर उन्हें नजरबंद कर दिया गया. बेरी में भी समिति से जुड़े अन्य करीब एक दर्जन जाट नेताओं को नजरबंद करने की सूचना सामने आई है. उधर समिति पदाधिकारियों के नजरबंद किए जाने पर समिति के लिगल सैल ने कड़ा आक्रोष जताया है और कहा है कि यह एक तरह से अघोषित एमरजेंसी है.

यह बोले समिति के पदाधिकारी

लीगल सैल के एडवाइजर रणधीर सिंह ने बताया कि जाट संघर्ष समिति की लीगल सैल के पदाधिकारी एडवोकेट रणधीर सिंह कडौधा ने सीएम कार्यक्रम से पहले ही समिति से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों के नजरबंद करने की पुलिस की कार्यवाहीं को एक तरह से अघोषित एमरजेंसी बताया है और कहा है कि ऐसा होने के बाद जाट समुदाय के लोगों में विरोध ज्यादा होगा. झज्जर जिला बार एसोसिएशन के तीन बार अध्यक्ष रह चुके कडौधा ने यह भी कहा कि पुलिस की कार्यवाहीं गैरकानूनी है और प्रजातंत्र को नष्ट करने की कार्रवाई है.