स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने की सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था सुधारने के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने की सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था सुधारने के निर्देश - Panchayat Times

रांची. राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कायाकल्प करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सोमवार को राज्य के सभी सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक की और वर्तमान स्थिति को जाना. मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग राज्य का सबसे महत्वपूर्ण विभाग होता हैं. ये सेवा का विभाग हैं, माना कि संसाधनों की कमी है लेकिन इसे चुनौती के रूप में लेना है.

अच्छा काम करने वाले को करेंगे पुरस्कृत

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में अच्छे काम करने वाले और ईमानदारी से काम करने वाले पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा. उन्होंने धनबाद में हुए डॉ कैलाश प्रसाद के हमले के बाद सिविल सर्जन की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्हें स्वास्थ्य विभाग की तरफ से धन्यवाद दिया.

उन्होंने कहा कि खुले मन से काम करे, दिक्कत हो तो उन्हें बताये. एक जिले में पोस्टिंग होने के बाद भी दूसरे जिले में प्राइवेट प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों की जिम्मेदारी तय करें. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि कोई चिकित्सक एक जिले में पदस्थापित हैं और तब भी दूसरे जिले में जाकर प्रेक्टिस कर रहे हैं तो इसके लिए जिम्मेदार जिले के सिविल सर्जन होंगे. सिविल सर्जन ऐसे मामले को देखे नही तो सिविल सर्जन पर कार्रवाई होगी.

ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था सुधारने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग करने जा रहा एक बड़ी पहल

ग्रामीण क्षेत्रों के चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एक बड़ी पहल करने जा रहा है. इसकी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जिले के सभी सिविल सर्जनों से ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले मेलों और साप्ताहिक हाटों-बाजारों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया हैं.

उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण इलाकों के लोगों तक स्वास्थ्य सेवा को पहुँचाना हैं इसलिए जहाँ भी बाजार या साप्ताहिक मेला लगता है. वहाँ मेडिकल कैम्प नियमित रूप से लगाया जाएगा. कैम्प में डॉक्टर के साथ नर्सिंग स्टाफ और मेडिसिन भी उपलब्ध रहेगा. ये भी ध्यान दिया जाएगा कि वातावरण और परिस्थितियों के अनुसार होने वाले रोगों के लिए उपचार की व्यवस्था इस चलंत चिकित्सा शिविर में हो.