राज्य के किसानों को नकद का आशीर्वाद मिलना बंद करने की तैयारी में हेमंत सरकार

राज्य के किसानों को नकद का आशीर्वाद मिलना बंद करने की तैयारी में हेमंत सरकार-Panchayat Times
साभार इंटरनेट

रांची. राज्य के किसानों को नकद का आशीर्वाद मिलना बंद हो सकता है. इसकी तैयारी हेमंत सरकार कर रही है. इसके अलावा वर्तमान सरकार रघुवर कार्यकाल के कई और मामलों की जांच करा सकती है. गड़बड़ी का मामला उजागर होने के बाद कुछ कार्यों की जांच शुरू हो चुकी है. कई अफसरों पर गाज भी गिर चुकी है.

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना

जानकारी के मुताबिक हेमंत सरकार मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना बंद करने की तैयारी में है. इसकी जगह घोषणा के अनुसार किसानों का कर्ज माफ किया जा सकता है. जानकारी हो कि रघुवर सरकार के कार्यकाल में किसानों के लिए यह योजना शुरू की गई थी. इससे 35 लाख किसानों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये नकद मिल रहा था. योजना के तहत किसानों को 5 हजार से 25 हजार रुपए तक सीधे एकाउंट में भेजे जा रहे थे.

शौचालय निर्माण की जांच संभव

राज्य भर में हुए शौचालय निर्माण की जांच हो सकती है. शौचालय निर्माण को लेकर करोड़ों रुपए का बंदरबाट किये जाने का मामला प्रकाश में आ रहा है. इसकी परत धीरे-धीरे खुलती जा रही है. रघुवर दास के मुख्यमंत्री रहने के दौरान ही कई जगहों पर लोगों ने शौचालय नहीं होने की शिकायत की थी. यह स्थिति तब की थी, जब जिला खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया था.

टेंडर घोटाला आया है सामने

भाजपा सरकार के कार्यकाल में टेंडर घोटाला होने की बात सामने आई है. पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने गोड्डा में फर्जी कागजात पर 51.62 करोड़ के सड़क निर्माण का काम सूरत की यूनिक कंस्ट्रक्शन सूरत को दे दिया. इतना ही नहीं, उक्त कंपनी को 7.65 करोड़ भुगतान भी कर दिया गया था. मामला प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण के अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह समेत कई इंजीनियरों को निलंबित कर दिया. इसकी जांच का आदेश दिया.

कई अन्य विभागों में हो रही जांच

पथ निर्माण विभाग में टेंडर घोटाला प्रकाश में आने के बाद जल संसाधन, भवन निर्माण सहित कई अन्य विभाग में टेंडर की जांच हो रही है. इसके लिए कमेटी का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें संलिप्तता अधिकारियों पर कार्रवाई होने की संभावना है.

युवाओं को रोजगार पर सवाल

राज्य में वर्ष 2018 और 2019 में स्किल समिट का आयोजन कर एक लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देने का दावा किया गया था. अब इस दावे पर सवाल उठाये जा रहे हैं. कई विधायक ने इस मामले की जांच की मांग मुख्यमंत्री से की है. बतातें चलें कि वर्ष 2018 में पहली बार एक साथ इतनी अधिक संख्या में युवाओं को रोजगार देने के लि‍ए लिम्का वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में राज्य का नाम दर्ज किया गया है.

मोमेंटम झारखंड की भी जांच

राज्य सरकार ग्लोबल इंवेस्टर समिट (मोमेंटम झारखंड) का आयोजन किया गया था. इसके आयोजन पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. इसके लिए विदेशों में भी रोड शो किये गये थे. देश-विदेश में किये गये रोड शो पर 3.68 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. अब इस मामले की जांच भी किये जाने की संभावना है.