हेमंत सोरेन ने रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का किया निरीक्षण

हेमंत सोरेन ने रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का किया निरीक्षण-Panchayat Times

रांची. पूरा देश अभी कोरोना के बढ़ रहे लगातार मामले से परेशान है. इसी कड़ी में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को रिम्स के ट्रॉम सेंटर में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया. उन्होंने यहा पर कहा कि जहां तक झारखंड की बात है, यहां अभी तक कोरोना पॉजिटिव का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अगर किसी तरह की मुसीबत आती है तो उससे बचाव को लेकर सरकार के स्तर पर मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं.  

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान रिम्स के निदेशक डॉ. डीके सिंह से इस बाबत की गई तैयारियों की पूरी जानकारी ली और कई निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने निदेशक से कहा कि रिम्स में अगर कोरोना वायरस का कोई भी मरीज आता है तो उसके टेस्ट और इलाज में किसी तरह की कोई कमी नहीं आनी चाहिए.

आइसोलेशन वार्ड में बेड बढ़ाने का हो रहा प्रयास
 रिम्स के निदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में अभी 100 बेड की व्यवस्था है.इसके अलावा इमरजेंसी के लिए 14 वेंटीलेटर हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बेडों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार का प्रयास है कि एक हजार बेड कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड में 24 घंटे तैयार रखा जा सके.

वर्तमान में हर दिन 180 मरीजों के जांच की है क्षमता

मुख्यमंत्री को रिम्स के डायरेक्टर ने बताया कि यहां फिलहाल हर दिन 180 मरीजों के जांच की क्षमता है. जांचों की क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां कोरोना वायरस के आने वाले सभी संदिग्ध मरीजों को टेस्ट करने  के उपरांत  जिन्हें  चिकित्सीय सुविधा की जरुरत हो, उसे उपलब्ध कराएं. कोरोना वायरस  के संक्रमण से बचाव  और निपटारे को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है.  

रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में हेल्प डेस्क भी बनाया गया है. इसके अलावा कोरोना वायरस के आनेवाले संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए अलग से स्क्रीनिंग रूम है. रिम्स के निदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के गाइडलाइन के अनुरुप आइसोलेशन वार्ड को तैयार किया गया है और इलाज के लिए इंतजाम किए गए हैं. निरीक्षण के दौरान  अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल तिवारी मौजूद थे.